रेलवे प्रशासन ने रेलवे फाटक नं 81 को दुपहिया वाहन, कार, जीप, ट्रैक्टर, बस, ट्रकों के लिए पूर्णतया बंद कर दिया है। अंडरपास से जिन भारी वाहनों की निकासी संभव नहीं होगी ऐसे वाहनों को निकालने के लिए रेलवे फाटक को खोला जा रहा है।
अंडरपास के दोनों तरफ रपट होने से इन दिनों ऐसे ट्रैक्टर चालकों की शामत आई हुई है जिनके टायर घिसे हुए हैं। घिसे टायरों का ग्रीप ऊंचाई पर सड़क से नहीं बनने से वह फिसल जाते हैं।मंगलवार को ईटों से भरा ट्रैक्टर फिसल कर अंडरपास की दोनों दीवारों मे फंस गया और हादसा होते होते बचा।
रेलवे इन दिनों मानव द्वारा संचालित होने वाले सभी रेलवे फाटकों को बंद करने की योजना बनाकर कार्य कर रहा है। इसी के तहत जिन रेलवे फाटकों को बंद किया जाना है, वहां अंडरपास का निर्माण करवा रहा है। रामगंजमंडी में गेट नं 81 भी इसमें शामिल है।
रेलवे फाटक को अभी पूर्णतया बंद नहीं किया गया है लेकिन अंडरपास से वाहन चालकों की आवाजाही बने इस बात को ध्यान मे रखकर रेलवे फाटक को बंद किया जाने लगा है। जिन वाहनों के टायर में ग्रीप कमजोर होती है ऐसे वाहन अंडरपास की तरफ बनी सीमेंट सडक पर फिसल जाते हैं।
मंगलवार सुबह ईटों से भरी ट्रेैक्टर ट्रोली जब अंडरपास की ऊंचाई पर पहुंचने से पहले ही नीचे की ओर आई तो चालक ने ट्रैक्टर का स्टेरिंग एक तरफ घुमा दिया, जिससे अंडरपास के दोनों तरफ बनी दीवार के हिस्से में ट्रैक्टर फंस जाने से फिसला नहीं अन्यथा हादसा घटित हो सकता था। ट्रैक्टर के अंडरपास में फंसने से दो घंटे से अधिक समय तक जाम के हालात रहे। ट्रैक्टर को टोचन करके अंडरपास से बाहर निकाला गया।
रेलवे कर्मचारी बना संकेतक
अंडरपास की चौड़ाई दो वाहनों के एक साथ निकलने जैसी नहीं है। दोनों तरफ से वाहन आने पर कौनसा वाहन चालक ऊंचाई वाले हिस्से में वाहन को पीछे करे यह सबसे बड़ी समस्या है। इस बात को देखते हुए रेलवे ने अंडरपास पर एक रेलवेकर्मी की डयूटी लगाई है।
यह कर्मचारी दिन में एक हिस्से से वाहन आता है तो दूसरी तरफ से आने वाले वाहन को रोकने का संकेत देता है। रात में वाहनों की रोशनी संकेतक बन रही है। रेलवे जब फाटक को पूर्णतया बंद करेगा तो वाहनों के रोकने का संकेत कौन देगा यह समस्या सामने आ रही है। दूसरे हिस्से में बने अंडरपास तो समाधान रेलवे का यह अंडरपास वाहनों की निकासी का समाधान नहीं है।
एक मोखे से दो वाहनों की निकासी नहीं हो पाने से आने वाले दिनों में परेशानी बढ़ेगी। रेलवे फाटक के दूसरे हिस्से में भी एक मोखे के अंडरपास का निर्माण करवाया जाए तो दुर्घटना की आशंका नहीं बनेगी।