
जयपुर. राज्य की ओर से हिस्से की राशि आवंटन में हुई लेटलतीफी के कारण स्वास्थ्य के क्षेत्र में केंद्र की ओर से मिलने वाली बड़ी राशि अटक गई। ऐसे में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में लगे करीब 8 हजार संविद कर्मी स्थायीकरण, लंबित लॉयल्टी बोनस व मानदेय संबंधी विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर आंदोलन पर उतर आए हैं। एनएचएम में कार्यरत प्रबंधकीय एवं आयुष संवर्ग के संविदाकर्मियों ने मांगों को लेकर जयपुर में स्वास्थ्य मंत्री के नाम मिशन निदेशक एनएचएम को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में 25 फरवरी तक मांगें नहीं माने जाने पर 26 फरवरी से सामूहिक अवकाश की चेतावनी भी दी गई है। संविदा कर्मियों का कहना है कि मांगों को लेकर पिछले एक माह से ज्ञापन दिया जा रहा है।
सरकार चाहे तो तत्काल भुगतान
लॉयल्टी बोनस एवं वेतन विसंगति को दूर कर भुगतान तत्काल किया जा सकता है। इस संबंध में राशि केंद्र से वर्ष 2017-18 से स्वीकृत है। भारत सरकार की शर्त अनुसार एनएचएम के अंतर्गत भारत सरकार और राज्य सरकार का अंश 60 : 40 है। कांग्रेस के जन घोषणा-पत्र में भी एनएचएम में कार्यरत समस्त संविदाकार्मिकों को स्थायी करने की घोषणा की गई थी।
बजट का उपयोग हुआ अधिक
एनएचएम के बजट का उपयोग पिछले साल की तुलना में अब तक 4 प्रतिशत अधिक हो चुका है। वित्त विभाग से राज्य सरकार की राशि जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। उसके बाद केन्द्र की राशि स्वत: ही जारी हो जाएगी।
समित शर्मा, मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
Published on:
25 Feb 2019 10:08 am
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