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नींदड़ सत्याग्रह: गड्ढ़ों में रहकर महिलाओं ने की गोवर्धन पूजा, यहीं किया गोबर के गोवर्धन का निर्माण

गड्ढ़ों में खड़े होकर परंपरा का निर्वहन...

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जयपुर

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Dinesh Saini

Oct 20, 2017

Ninder

जयपुर। नींदड़ आवासीय योजना के विरोध में जमीन समाधि सत्याग्रह कर रहे किसानों ने दिवाली के बाद आज सत्याग्रह स्थल पर ही गोवर्धन की पूजा की। यहां गोबर के गोवर्धन का निर्माण किया गया और महिलाओं ने विधिवत् उनकी पूजा-अर्चना की। मौके पर ही बैल व बछड़े को बांधकर उसकी भी पूजा की गई। पिछले 19 दिनों से सत्याग्रही यहीं गड्ढ़ों में खड़े होकर सत्याग्रह कर रहे हैं।

जेडीए ने उनकी जमीन को अवाप्त कर रखा है, जिसकी वजह से किसानों ने पहले से ही काली दिवाली घोषित कर रखी थी। उम्मीद थी कि सरकार या जेडीए दिवाली से पहले कोई कदम उठाएगा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों ने घर की बजाय सत्याग्रह स्थल पर ही त्योहार मनाएं। इससे पहले किसानों और महिलाओं करवा चौथ का त्यौहार भी सत्याग्रह स्थल पर गड्ढ़ों में रहकर ही मनाया था। महिलाओं ने गड्ढ़ों में रहकर ही चांद को अर्दध्य दिया था और व्रत खोला था।

गौरतलब है कि पुरुष ही नहीं, महिलाएं और बच्चे भी गड्ढे खोद उसमें गर्दन तक समाधिस्थ अवस्था में बैठे हैं। वे किसी देवी-देवता का अनुष्ठान नहीं कर रहे, न कोई तपस्या कर रहे हैं। वे दरअसल, अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, आंदोलनरत हैं। स्थान है राजस्थान की राजधानी जयपुर से कोई बीस किलोमीटर दूर स्थित गांव नींदड़। अपने इस आंदोलन को ग्रामीणों ने नाम दिया है 'जमीन समाधि सत्याग्रह', जी हां, इस कृषि प्रधान देश के कृषि पर जीने वाले राज्य में किसानों को अपने खेत की जमीन कंक्रीट का जंगल बनने से बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा हैं।

इन किसानों का कहना है कि उनकी उपजाऊ भूमि जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) अधिगृहीत करने पर आमादा है। इसके बदले जो मुआवजा आंका गया वह बहुत कम है। जेडीए यहां अपनी सबसे बड़ी आवासीय कॉलोनी बना करीब एक हजार करोड़ रुपए कमाना चाहता है। कहते हैं न, जिस देश का राजा व्यापारी हो, उसकी प्रजा भिखारी हो जाती है।

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