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नो प्राइड नो राइड अभियान – हाथियों और महावतों के पुर्नवास का प्रयास

जयपुर में पर्यटकों को लुभाने के लिए हाथियों के उपयोग और उनक दुर्दशा को लेकर वल्र्ड एनिमल प्रोटेक्शन संस्थान ने नो प्राइड नो राइड अभियान की शुरुआत की है। संस्थान के कंट्री हैड गजेंद्र कुमार ने कहा कि चेन में बांधकर एक वस्तु बनाकर रख दिए गए इन हाथियों को आजादी दिलवाना हमारा प्रयास है।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Sep 04, 2022

नो प्राइड नो राइड अभियान - हाथियों और महावतों के पुर्नवास का प्रयास

नो प्राइड नो राइड अभियान - हाथियों और महावतों के पुर्नवास का प्रयास

जयपुर।
जयपुर में पर्यटकों को लुभाने के लिए हाथियों के उपयोग और उनक दुर्दशा को लेकर वल्र्ड एनिमल प्रोटेक्शन संस्थान ने नो प्राइड नो राइड अभियान की शुरुआत की है। संस्थान के कंट्री हैड गजेंद्र कुमार ने कहा कि चेन में बांधकर एक वस्तु बनाकर रख दिए गए इन हाथियों को आजादी दिलवाना हमारा प्रयास है। इसके लिए हम एक पिटिशन फाइल कर रहे हैं और इसके लिए आमजन से आह्वान कर रहे हैं कि वह इस अभियान में हमारे साथ आए और याचिका पर हस्ताक्षर करें जिससे हाथियों की डिमांड और सप्लाई की चेन को तोड़ा जा सके। इन्हें वन्यजीव अभ्यारण्यों में शिफ्ट कर इनका पुर्नवास किया जा सके और वह भी पीड़ा मुक्त जीवन जी सके। उन्होंने कहा कि आमेर किले पर हाथियों का उपयोग पर्यटकों को सफारी करवाने में किया जाता है जिसके चलते वह अमानवीय परिस्थितियों में रहने के लिए मजबूर हैं। और क्या कुछ कहा गजेंद्र कुमार ने आइए सुनते हैं-


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