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उत्तर पश्चिम रेलवे: लाइनों पर करंट के लिए बिछा तारों का जाल, अब ट्रेनों का इंतजार

उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मण्डल की सभी लाइनें बिजली से रेल चलाने को तैयार है। मंडल के 1024 रूट किलोमीटर रेलमार्ग पर विद्युतिकरण का कार्य पूरा हो गया है। इन मार्गों पर बिजली से चलने वाली ट्रेनों का इंतजार है। बिजली के इंजन की कमी के चलते अभी तक अधिकतर मार्गों पर डिजल के इंजन से ही रेल चलाई जा रही है।

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जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मण्डल की सभी लाइनें बिजली से रेल चलाने को तैयार है। मंडल के 1024 रूट किलोमीटर रेलमार्ग पर विद्युतिकरण का कार्य पूरा हो गया है। इन मार्गों पर बिजली से चलने वाली ट्रेनों का इंतजार है। बिजली के इंजन की कमी के चलते अभी तक अधिकतर मार्गों पर डिजल के इंजन से ही रेल चलाई जा रही है। सभी मार्गों पर सभी ट्रेन बिजली के इंजन से चलाई जाए तो पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ ट्रेनों की गति बढ़ेगी।

राजस्थान और हरियाणा से जुड़ा है जयपुर मंडल
जयपुर मंडल चार रेलवे मण्डलों में प्रमुख है। इस मण्डल का गठन बीबी एण्ड सीआई जयपुर स्टेट रेलवे तथा राजपूताना मालवा रेलवे के क्षेत्रों को मिलाकर किया गया था। जयपुर मण्डल राजस्थान तथा हरियाणा को रेल परिवहन की सेवा उपलब्ध करवाता है। राजस्थान का प्रमुख पर्यटक स्थल होने तथा देश की राजधानी दिल्ली के समीप होने से यह मण्डल यात्री यातायात और माल परिवहन में अहम भूमिका निभाता है। जयपुर, अजमेर, अलवर, सीकर, सवाई माधोपुर, टोंक, दौसा, चुरू जिलों के क्षेत्रों तथा हरियाणा के रेवाडी और नारनौल जिले का रेल यातायात इस मंडल के अधीन आता है।

635 किलोमीटर का है फ्रेंट कॉरिडोर
माल परिवहन के लिये महत्वाकांक्षी परियोजना वेस्टर्न डेडिकेटड फ्रेट कॉरिडोर का बड़ा भाग 635 किलोमीटर राजस्थान से होकर गुजर रहा है। इस कॉरिडोर पर आज तेज गति से दौड़ती मालगाडियों ने औद्योगिक दृष्टि से नई पहचान स्थापित की है और रोजगार के नये अवसर बनाये हैं।

यह चलती है ट्रेने
जयपुर मण्डल पर जयपुर-दिल्ली के मध्य संचालित डबल डेकर ट्रेन बहुत लोकप्रिय है। नई दिल्ली-अजमेर शताब्दी एक्सप्रेस, नई दिल्ली-अहमदाबाद राजधानी एक्सप्रेस, दिल्ली-अहमदाबाद आश्रम एक्सप्रेस, बान्द्रा टर्मिनस-हिसार दुरन्तों एक्सप्रेस, काठगोदाम-जैसलमेर रानीखेत एक्सप्रेस, जोधपुर-दिल्ली मण्डोर एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें इस मण्डल से गुजरने वाली प्रमुख ट्रेन है।

इन ट्रेक का हुआ विद्युतिकरण
विजय शर्मा, महाप्रबंधक-उत्तर पश्चिम रेलवे के अनुसार जयपुर मण्डल पर शत प्रतिशत रेलमार्ग 1024 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो गया है। जयपुर मण्डल के रेवाडी-अलवर-जयपुर-फुलेरा, रेवाडी-रींगस-फुलेरा-अजमेर, जयपुर-सवाई माधोपुर, जयपुर-रींगस-सीकर-चुरू तथा सीकर-लोहारू रेलमार्ग का विद्युतीकरण कार्य पूरा हो गया है। इन रेलमार्गाें पर इलेक्ट्रिक ट्रेक्शन पर रेलसेवाओं का संचालन प्रारम्भ हो गया है।

लाइनों पर बने 11 टीएसएस
जयपुर मण्डल पर बिजली से ट्रेन चलाने के लिए 11 टीएसएस स्टेशन स्थापित किये गये हैं। वर्तमान में यहां पर 168 रेल इलेक्ट्रिक ट्रेक्शन पर संचालित की जा रही है। रेलवे लाइनों के विद्युतीकरण होने से जन सामान्य की जीवन शैली में परिवर्तन आया है। विद्युतीकरण के परिणामस्वरूप जयपुर मण्डल पर गत वर्ष की तुलना में सालाना लगभग 178 करोड़ रूपये के ईंधन की बचत हो रही है और साथ ही प्रतिवर्ष लगभग 47000 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है।