
अब स्कूलों में बनाए जाएंगे 'बा-बापू वन'और 'गांधी वाटिका'
जयपुर, 12 जून
कोविड को देखते हुए भले ही अभी स्कूलों में भले ही अभी स्टूडेंट्स को नहीं बुलाया जा रहा हो लेकिन राज्य के शिक्षा विभाग (Education department) उन्हें स्कूलों से किसी ना किसी प्रकार जोड़े रखने के लिए लगातार प्रयासरत है। अब शिक्षा विभाग ने
पर्यावरण संरक्षण (Environment protection) के प्रति समझ पैदा करने के लिए अब प्रदेश के स्कूलों में 'गांधी वाटिका' और 'बा बापू' वन तैयार करने का निर्णय लिया है। राज्य के हर स्कूल में 'विद्यालय वाटिका' (किचन गार्डन) और 'हरित विद्यालय' योजना के तहत यह कवायद की जानी है। इसमें तहत शहरी क्षेत्र में गांधी वाटिका और ग्रामीण क्षेत्रों में बा बापू वन की स्थापना की जाएगी। इस वाटिका और वन में स्कूली विद्यार्थी न केवल छायादार और फलदार पौधे लगाएंगे बल्कि लगाए गए पौधों पर पौधे का नाम, पौधे के बायोलॉजिकल नाम के साथ पौधा लगाने वाले स्टूडेंट के नाम भी अंकित किया जाएगा। इतना नहीं पौधरोपण में सबसे अच्छा काम करने वाले स्टूडेंट्स को 26 जनवरी को सम्मानित भी किया जाएगा।
पुराने स्टूडेंट्स को भी गोद दिए जाएंगे पौधे
हर वाटिका में कम से कम 150 फलदार पौधे लगा कर उस वाटिका का नाम 'बा-बापू वनÓ और 'गांधी वाटिकाÓ वन किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी स्कूलों को इस संबंध में निर्देश भी दे दिए हैं। जिसमें कहा गया है कि कुछ ही दिनों मानसून आने वाला है। ऐसे में सभी स्कूलों को उपलब्ध भूमि के मुताबिक मानसून से पहले पौधरोपण की तैयारी करनी होगी। स्कूल कैम्पस साफ सुथरा और उसमें पेड़ पौधे लगाकर उसे और सुंदर बनाया जाए। योजना के स्कूल परिसर, खेल के मैदान, स्कूल की 200 मीटर की परिधि में पौधरोपण किया जाएगा। स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण संबंधी निबंध प्रतियोगिता, रोल प्ले, रैली और शैक्षिक भ्रमण होंगे। साथ ही स्कूल वाटिका क्लब या हरित विद्यालय क्लब, इको क्लब आदि बनाने होंगे। इस योजना के तहत नए स्टूडेंट्स के साथ पुराने स्टूडेंट्स को भी जोड़ा जाएगा। लगाए गए पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्टूडेंट्स को दी जाएगी। वहीं पुराने स्टूडेंट्स से भी पौधरोपण करवाना होगा या उनको पौधे गोद दिए जाएंगे। इनकी देखभाल की जिम्मेदारी उन पुराने विद्यार्थियों को ही लेनी होगी।
यह है योजना का उद्देश्य
पर्यावरण के प्रति समझ पैदा करना
पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझना
पर्यावरण संरक्षण से वातावरण को स्वच्छ बनाना
जनप्रतिनिधियों का लिया जाएगा सहयोग
योजना के तहत जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून आने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों से पौधरोपण करवाया जाएगा। पूरे सत्र के दौरान चलने वाली इस योजना में स्कूल के संस्था प्रधान का दायित्व होगा कि वह स्कूलों में प्लांटेशन प्रोग्राम का आयोजन करवाए साथ ही उसकी मॉनिटरिंग भी करवाए, जिससे कार्यक्रम यह मात्र औपचारिकता बन कर ना रह जाए। इतना ही नहीं पौधरोपण कार्यक्रम की हर माह एसएमसी की बैठक में समीक्षा भी करनी होगी। स्कूल के एक शिक्षक को पौधरोपण का प्रभारी बनाया जाएगा।
वहीं 16 सितंबर को आजोन दिवस पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। पौधरोपण कार्यक्रम में भामाशाह का सहयोग लिया जाएगा। लगाए गए पौधे में से यदि कोई पौधा मर जाता है तो उसके स्थान पर दूसरा पौधा लगाना होगा। 26 नवंबर को विश्व पर्यावरण दिवस पर रंगोली पोस्टर मेकिंग आदि का आयोजन होगा वहां विंटर ब्रेक में पौधों की देखभाल के लिए विशेष कार्यदलों का गठन भी करना होगा।
Published on:
12 Jun 2021 04:53 pm
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