19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब ‘नहाना-धोना’ भी महंगा, शैम्पू-साबुन और डिटरजेंट के बढ़ेंगे दाम!

आटा के बाद अब दाल की महंगाई लोगों का बजट बिगाड़ रही है। वहीं लोगों का नहाना-धोना भी महंगा होने वाला है।

less than 1 minute read
Google source verification
shampoo.jpg

आटा के बाद अब दाल की महंगाई लोगों का बजट बिगाड़ रही है। वहीं लोगों का नहाना-धोना भी महंगा होने वाला है। केंद्र शैम्पू-साबुन और डिटरजेंट बनाने में काम आने वाले सेचुरेटेड फैटी अल्कोहल (एसएफए) पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लागाने की तैयारी में है। नए शुल्क से साबुन, डिटरजेंट व शैंपू की कीमतें बढ़ जाएंगी। इंडियन सर्फैक्टेंट ग्रुप ने वित्त मंत्री से नए टैरिफ लागू नहीं करने का आग्रह किया है।

5% से 7% तक बढ़ जाएगी लागत

व्यापार उपचार महानिदेशालय ने दो महीने पहले इंडोनेशिया, मलेशिया व थाईलैंड से सेचुरेटेड फैटी अल्कोहल आयात पर 3% से 30% तक एंटी-डंपिंग शुल्क लगाने की सिफारिश की थी। विशेषज्ञों का कहना है कि एंटी-डंपिंग शुल्क लगने से साबुन, डिटरजेंट व शैंपू उत्पादन की लागत 5% से 7% तक बढ़ जाएगी और हाइजीन प्रोडक्ट बनाने वाले उत्पादकों पर असर पड़ेगा।

दाल होगी महंगी

कटोरी की दाल और महंगी होने वाली है। वजह है मांग के मुकाबले सप्लाई में कमी। इस साल अरहर-उड़द और मूंग दाल की कीमतें 5% से 20% तक बढ़ी है। जनवरी में 110 रुपए किलो मिलने वाली अरहर की दाल 135 से 140 रुपए किलो बिक रही है। वहीं उड़द दाल भी 125 से 130 रुपए किलो है। दाल की कीमतों में और उछाल होने पर सरकार अपने पूल से खुले बाजार में दाल बेच सकती है। केंद्रीय भंडार व नेफेड के जरिए भी खुले बाजार में दाल बेची जा सकती है।