
अब खाइए बाजरे की चॉकलेट
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से सम्बद्ध केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान ने बाजरा के फ्लेक्स से चॉकलेट बनाई है। ये स्वाद व पौष्टिकता में बाजार में उपलब्ध बहुराष्ट्रीय कंपनियों की चॉकलेट से बेहतर है। एक चॉकलेट की कीमत केवल 5 रुपए आई है। काजरी ने इसके पेटेंट के लिए आवेदन किया है। हाल ही जोधपुर आए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवद्र्धन ने भी चॉकलेट चखने के बाद इसकी टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री को ट्रांसफर करने की बात कही थी। सामान्यतया चॉकलेट में कोको, चीनी और वसा का इस्तेमाल होता है। काजरी ने बाजरा मिलाकर इसकी पौष्टिकता बढ़ा दी। इसकी विधि गुप्त रखी गई है। चॉकलेट खाने के बाद पता नहीं चलता कि इसमें बाजरा मिला हुआ है।
भविष्य का भोजन है बाजरा
काजरी के निदेशक डॉक्टर ओपी यादव का कहना है कि बाजरा ग्लूटिन फ्री, ओमेगा.3, ओमेगा.6, ओमेगा.9 और फाइबर से भरपूर अनाज है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम है। लेकिन प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी में कमी और गरीब का भोजन जैसा मिथक जुड़ा होने से इसका उपयोग कम होता है। बाजरे की चॉकलेट बाजार में आने से यहां के किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा। उन्होंने कहा देश में सर्वाधिक बाजारा राजस्थान में होता है। इसमें गेहूं, चावल, जौ व ज्वार की तुलना में अधिक पौष्टिक तत्व होते हैं। इसमें प्रोटीन, आयरन, कैल्सियम और पोटेशियम की मात्रा प्रति इकाई काफी अधिक होती है इसीलिए चॉकलेट बनाने के लिए बाजरे के फ्लेक्स का चुनाव किया गया।
Published on:
24 Dec 2019 06:07 pm
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