
तापमान 33 डिग्री पर पहुंचा, गेहूं का उत्पादन होगा प्रभावित
दाल रोटी खाओ प्रभु के गुण गाओ। यह अब बीते दिनों की बात हो गई है। दाल के बाद गेहूं भी बहुत महंगा होने जा रहा है। बेमौसम बरसात ने खेतों में ही गेहूं को बर्बाद कर दिया है। ऐसे में गेहूं की पैदावार कम होने और दाम अधिक होने की आशंका है। कई जगह दाने काले पड़ गए हैं। इससे उत्पादन भी कम रहने की आशंका है। चना और सरसों की उपज पर बारिश का खास असर नहीं है।
अभी गीला गेहूं आ रहा
प्रदेश की मंडियों में अभी गीला गेहूं आ रहा है। इसको सूखाने पर वजन कम हो रहा है। इसलिए भंडारण के लिए गीला गेहूं खरीदने का फायदा नहीं है चाहे भाव कम क्यों न हों। आटा मिलों को गेहूं सुखाए बगैर बेचा नहीं जा सकेगा। खुदरा ग्राहक भी अभी गेहूं खरीदने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।
प्याज और कपास भी बर्बाद
इससे पहले अक्टूबर-नवंबर की अनचाही बारिश ने गन्ना, प्याज, कपास जैसी नकदी फसलों को तगड़ी चोट दी थी। उत्पादन पर इसका असर दिख रहा है। इनकी उपज कम है ऐसे में फसलों की ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। बारिश से प्याज का 30% तक उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। इसके थोक दाम 1200 रुपए क्विंटल तक पहुंच गए।
एमएसपी पर सरकारी खरीद
गेहूं: एफसीआइ के मुताबिक, मध्यप्रदेश में किसानों से अब तक 2.60 लाख टन गेहूं खरीदा जा चुका है। इस साल सरकार की ओर से 341 लाख टन गेहूं खरीदा जाना है। हरियाणा, पंजाब और यूपी में अभी खरीद शुरू नहीं हुई है।
सरसों: नैफेड के मुताबिक, अब तक 18,083 टन सरसों की सरकारी खरीद हो चुकी है। गेहूं का भाव एमएसपी से कम होने से राजस्थान के किसान विरोध कर रहे हैं।
चना: अब तक 4.4 लाख टन चने की खरीद हुई है। मध्यप्रदेश में 7227 टन, महाराष्ट्र में 95,807 टन और गुजरात में 50,238 टन चने की सरकारी खरीद हुई है।
Published on:
10 Apr 2023 04:49 pm
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