4 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan export: अब निर्यात को लगेंगे पंख, राजस्थान बनेगा सिरमौर

2022 में राजस्थान के ज्वैलरी ( Jewellery ), मार्बल ( Marble ) , टैक्सटाइल, रेडीमेड गार्मेंट्स ( Readymade Garments ) और हैण्डीक्राफ्ट्स उद्योग ( Handicrafts industry ) को पंख लगने वाले है। कोरोना प्रकोप ( Corona outbreak ) के चलते यूरोप और अमेरिका के बायर्स का झुकाव अब चीन से भारत की ओर हुआ है और इससे राजस्थान को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद जागी है।

3 min read
Google source verification
Rajasthan export: अब निर्यात को लगेंगे पंख, राजस्थान बनेगा सिरमौर

Rajasthan export: अब निर्यात को लगेंगे पंख, राजस्थान बनेगा सिरमौर

निर्यात रेल का राजस्थान बनेगा इंजन
राजस्थान को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद
ज्वैलरी, मार्बल, टैक्सटाइल, रेडीमेड गार्मेंट्स और हैण्डीक्रॉफ्ट्स उद्योग को लगेंगे पंख
यूरोप और अमेरिका के बायर्स ने चीन से बनाई दूरी

जयपुर। 2022 में राजस्थान के ज्वैलरी, मार्बल, टैक्सटाइल, रेडीमेड गार्मेंट्स और हैण्डीक्राफ्ट्स उद्योग को पंख लगने वाले है। कोरोना प्रकोप के चलते यूरोप और अमेरिका के बायर्स का झुकाव अब चीन से भारत की ओर हुआ है और इससे राजस्थान को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद जागी है। राजस्थान से निर्यात होने वाले उत्पादों में ज्वैलरी, मार्बल एवं ग्रेनाइट, टैक्सटाइल उत्पाद, रेडीमेड गार्मेंट्स एवं मेड-अप्स तथा लकड़ी, लोहे और कपड़े से बने हैण्डीक्राफ्ट्स और फर्निचर प्रमुख हैं। ये उद्योग लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध करवाने के साथ ही देश के लिए बहुमूल्य विदेशी मुद्रा अर्जन का काम भी करते हैं और इस प्रकार प्रदेश की अर्थ व्यवस्था में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। प्रदेश में ज्वैलरी के लिए जयपुर, मार्बल एवं ग्रेनाइट उद्योग के लिए किशनगढ़, मकराना व उदयपुर, टैक्सटाइल यार्न व कपड़ा उद्योग के लिए किशनगढ़ व भीलवाड़ा, रेडीमेड गार्मेंट्स एवं मेड-अप्स के लिए जयपुर तथा हैण्डीक्रॉफ्ट्स और फर्निचर के उत्पादन एवं निर्यात के लिए जयपुर और जोधपुर बड़े क्लस्टर्स हैं।

सरकार से अपेक्षा...
राज्य सरकार बहुप्रतीक्षित हैण्डीक्रॉफ्ट्स नीति घोषित करे और निर्यात उद्योगों के लिए प्रोडक्ट आधारित और आधारभूत सुविधाओं से संपन्न सस्ती दरों पर विशिष्ट औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना करे।
2. केंद्र सरकार राजस्थान में कम से कम दो मेगा टैक्सटाइल पार्क स्थापित करे।
3. अन्य राज्यों की भांति राजस्थान सरकार भी प्रदेश से निर्यात होने वाले कंटेनरों पर फ्रेट सब्सिडी दे।
4. केंद्र सरकार आरओडीटीईपी की दरों का तर्कसंगत निर्धारण करे और रुकी हुई इंट्रेस्ट सबवेन्शन स्कीम को शुरू करे।

राजस्थान से निर्यात...
वर्ष 2019-20- 49,946.09 करोड़ रुपए
वर्ष 2020-21- 52,764.31 करोड़ रुपए
वर्ष 2021-22- 60 हजार करोड़ रुपए लक्ष्य

राजस्थान वर्ष 2020-21 में सेक्टर में अधिक निर्यात...
टैक्सटाइल 5729 करोड़ रुपए
एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग 3740 करोड़ रुपए
जेम एंड ज्वैलरी 4067 करोड़ रुपए
इंजीनियरिंग 7781 करोड़ रुपए
मैटल 5300 करोड़ रुपए
स्टोन 4100 करोड़ रुपए
कैमिकल 5000 करोड़ रुपए
हैंडीक्रॉफ्ट 6200 करोड़ रुपए
रेडीमेड गारमेंट 1800 करोड रुपए

कोरोना की वजह से विश्व के विभिन्न भागों में लगने वाले लॉक डाउन से कंटेनर उपलब्धता और अप्रत्याशित रूप से बढ़े हुए माल भाड़े की विश्वव्यापी समस्या का गहरा प्रभाव प्रदेश के निर्यात पर भी पड़ा है और वर्ष 2021 में प्रदेश से हैण्डीक्रॉफ्ट्स निर्यात पिछड़ गया है, किन्तु मार्च 2022 के बाद इस समस्या का समाधान होने की आशा है।
नवनीत झालानी, कोऑर्डिनेटर, राजस्थान हैण्डीक्रॉफ्ट्स एक्सपोर्टर्स जॉइंट फोरम

राजस्थान में क्वार्टज के ग्रेन्यूल्स और पाउडर को मिलाकर रेजिन से पत्थर बनाया जा रहा है, जिसकी विदेशों में भारी मांग है। अभी इसकी ज्यादातर इकाइयां जयपुर जिले में अलग-अलग जगह बिखरी हुई हैं। राज्य सरकार अगर इस उद्योग को रिप्स योजना का लाभ दे और इसके लिए एक डेडिकेटेड इंडस्ट्रियल एरिया बना दे तो राजस्थान में यह उद्योग बहुत आगे बढ़ सकता है।
राकेश गुप्ता, वाइस-चेयरमैन, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ स्टोन्स


राजस्थान में हैंडीक्रॉफ्ट के क्षेत्र में जोधपुर हैंडीक्रॉफ्ट्स की भागीदारी सबसे मजबूत है। जोधपुर 2500 करोड़ रुपए के विदेशी मुद्रा अर्जित करने वाला हस्तशिल्प निर्यात उद्योग सरकार से 2022 में नई योजनाओं और रियायतों की अपेक्षा कर रहा है। आगामी बजट प्रावधानों ने उद्योग को नई गति मिलेगी।
डॉ. भरत दिनेश, अध्यक्ष, जोधपुर हैंडीक्रॉफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन

सरकार अगर बिजली की दरों में कमी करे तो राजस्थान में कई गुना निवेश बढ़ेगा, क्योंकि इस समय देशभर में सबसे महंगी बिजली की दरें राजस्थान में है। उद्योग को बढ़ावा देने के लिए मिशन निर्यातक बनो राज्य सरकार की अनोखी पहल है, फिलहाल प्रदेश में 1 लाख 33 हजार निर्यातकों को आई सी कोड मिला है
सुरेश अग्रवाल, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड इंडस्ट्री