Now Jowar-Bajra-Ragi and Maize will be available in Food Quota : केंद्र खाद्य सुरक्षा कानून के तहत गरीबों को गेहूं-चावल के साथ मोटा अनाज भी देने की तैयारी में है।
Now Jowar-Bajra-Ragi and Maize will be available in Food Quota : केंद्र खाद्य सुरक्षा कानून के तहत गरीबों को गेहूं-चावल के साथ मोटा अनाज भी देने की तैयारी में है। गेहूं के बदले आंशिक तौर पर पीडीएस सिस्टम के तहत लाभार्थियों को मोटा अनाज दिया जा सकता है, जिसमें ज्वार-बाजराआदि शामिल हैं। केंद्र को इस साल 20 लाख टन मोटे अनाज की सरकारी खरीद होने की उम्मीद है। मध्यप्रदेश सहित छह राज्यों ने भी खाद्य सुरक्षा योजनाओं के तहत मोटे अनाज से गेहूं को रीप्लेस करने में दिलचस्पी दिखाई है।
13.28 लाख टन मोटा अनाज गरीबों में बांटने का लक्ष्य
इस साल पीडीएस के जरिए सरकार की ओर से तय लक्ष्य से अधिक मोटा अनाज बांटने की उम्मीद है। सरकार ने वर्ष 2023-24 के लिए 13.28 लाख टन मोटा अनाज गरीबों में बांटने का लक्ष्य तय किया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में पैदा होने वाले मोटे अनाज में 41% भारत में उत्पादन होता है।