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अब लाइन में लगने की झंझट खत्म, घर बैठे होगी रजिस्ट्री

अब ई-पंजीयन से होगी रजिस्ट्री, घर बैठे अपलोड कर सकेंगे दस्तावेज
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Nikhil Sharma

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Updated: 26 Oct 2015, 1:18 PM IST

राज्य में सम्पत्तियों की रजिस्ट्री के लिए अब उप पंजीयक अथवा तहसीलदार कार्यालयों में कागजी औपचारिकताओं और अपनी बारी आने के इंतजार से मुक्ति मिलेगी। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने पक्षकारों को राहत देते हुए ई-पंजीयन की सुविधा प्रारंभ की है। हालांकि फिलहाल यह व्यवस्था कुछ जिलों में प्रायोगिक तौर पर प्रारंभ की गई है। इसे शीघ्र ही पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।

राज्य में सम्पत्तियों की खरीद-फरोख्त सहित अन्य इकरारनामों की रजिस्ट्री के लिए उप-पंजीयक, तहसीलदार और नायब तहसीलदार कार्यालयों में रोजाना हजारों दस्तावेज पेश किए जाते हैं। इस वजह से इन कार्यालयों में खासी भीड़ होती है। दस्तावेजों की कागजी खानापूर्ति के लिए पक्षकारों को वकीलों अथवा डीड राइटर्स सहित दलालों की मदद लेनी पड़ जाती है। कागजी औपचारिकताएं पूरी करने में ही काफी समय लग जाता है।

शुल्क भी ऑनलाइन

विभाग ने अब अपनी वेबसाइट पर रजिस्ट्री के लिए आवेदन का प्रारूप अपलोड कर दिया है। इसके साथ ही रजिस्ट्री के लिए जरुरी दस्तावेजों की भी जानकारी उपलब्ध करा दी है। प्रारूप में सभी जानकारियां भरते ही उस पर लगने वाले मुद्रांक शुल्क और पंजीयन शुल्क की गणना भी हो जाती है। यह शुल्क भी ऑनलाइन ई-ग्रॉस अथवा ई-स्टाम्पिंग के जरिए चुकाया जा सकता है।

पक्षकार यह सभी दस्तावेज ऑनलाइन संबंधित उप पंजीयक कार्यालय की वेबसाइट पर अपलोड करेगा। इसके बाद वह अपनी सुविधा के अनुरूप उप पंजीयक कार्यालय पहुंचकर बिना कतार में लगे ही अपने दस्तावेजों की रजिस्ट्री करा सकता है।

चार जिलों में लागू

विभाग ने फिलहाल बाड़मेर, जोधपुर, टोंक और भीलवाड़ा जिलों में यह व्यवस्था लागू कर दी है। अगले चरण में जयपुर, राजसमंद, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, झालावाड़ और बांसवाड़ा जिलों में स्थित उप पंजीयक कार्यालयों में यह सुविधा प्रारंभ करने की कवायद शुरू की है। इसके लिए इन कार्यालयों को कम्प्यूटराइज्ड किया जा रहा है।

इनका कहना है

केन्द्र सरकार के नेशनल लैंड रिकार्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (एनएलआरएमपी) के साथ ई-पंजीयन की व्यवस्था भी लागू की जा रही है। फिलहाल कुछ जिलों में कवायद चल रही है। चरणबद्ध तरीके से अगले दो-तीन वर्ष में पूरे राज्य में ई-पंजीयन सुविधा प्रारंभ हो जाएगी। उसके बाद पक्षकार घर अथवा अपनी सुविधा के अनुसार कहीं से भी रजिस्ट्री दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे।

के. बी. गुप्ता, महानिरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग, राजस्थान