
14.5 kg IED Recovered in Shopian
14.5 kg IED Recovered in Shopian: जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां सुरक्षाबलों की सतर्कता ने एक संभावित बड़े आतंकी हमले को नाकाम कर दिया। भारतीय सेना की चिनार कोर और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर एक संयुक्त अभियान में 14.5 किलो का शक्तिशाली IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद कर उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। यह पूरा ऑपरेशन जैनापोरा इलाके के चित्रगाम के पास चलाया गया। सेना ने इस कार्रवाई को “ऑपरेशन चित्रगाम” नाम दिया। अधिकारियों के मुताबिक, यह IED बेहद खतरनाक था, इसे हाई एक्सप्लोसिव से तैयार किया गया था और इसमें रिमोट कंट्रोल से विस्फोट करने की व्यवस्था भी थी।
जानकारी के अनुसार, यह बम जैनापोरा-चित्रगाम सड़क पर लगाया गया था। सुरक्षाबलों की रोजाना होने वाली जांच (जिसे सैनिटाइजेशन कहा जाता है) के दौरान इसे सुबह-सुबह देखा गया। आशंका है कि इसका निशाना सुरक्षा बलों के वाहन थे, जो इस रास्ते से गुजरते हैं। जैसे ही IED की सूचना मिली, तुरंत बम निरोधक दस्ते (BDS) को बुलाया गया। कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात रोक दिया गया, ताकि किसी तरह का खतरा न रहे। इसके बाद विशेषज्ञों ने बेहद सावधानी के साथ इस विस्फोटक को निष्क्रिय किया।
जम्मू-कश्मीर में सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां रोज सुबह सड़क मार्गों की जांच करती हैं। इसे “रोड ओपनिंग पार्टी” (ROP) की कार्रवाई कहा जाता है। इस प्रक्रिया का मकसद यही होता है कि कहीं भी छिपे ऐसे खतरनाक विस्फोटकों को पहले ही ढूंढ लिया जाए, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।
IED यानी ऐसा देसी बम, जिसे आतंकवादी या उग्रवादी खुद तैयार करते हैं। इसमें सामान्य सैन्य सामग्री, रसायन या पुराने विस्फोटकों का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हें अक्सर सड़कों के किनारे, पुलिया के नीचे या वाहनों में छिपाकर रखा जाता है। इनका मकसद साफ होता है, अचानक हमला करना और ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाना। छोटे पाइप बम से लेकर बड़े वाहन-बम तक, IED कई रूपों में इस्तेमाल किए जाते हैं। यही वजह है कि ये सुरक्षा बलों और आम लोगों दोनों के लिए गंभीर खतरा बन जाते हैं।
Updated on:
09 Apr 2026 07:04 am
Published on:
09 Apr 2026 07:00 am
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