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अब होगा वरिष्ठ प्रबोधक का नए सिरे से पदस्थापन और कार्य दायित्व का निर्धारण

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने प्रबोधकों को वरिष्ठ प्रबोधक बनाकर उन्हें स्कूल में पदस्थापना दिए जाने के आदेश वापस ले लिए हैं। निदेशालय अब इनका नए सिरे से पदस्थापना और कार्य दायित्व का निर्धारण करेगा।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Jul 19, 2022

अब होगा वरिष्ठ प्रबोधक का नए सिरे से पदस्थापन और कार्य दायित्व का निर्धारण

अब होगा वरिष्ठ प्रबोधक का नए सिरे से पदस्थापन और कार्य दायित्व का निर्धारण

अब होगा वरिष्ठ प्रबोधक का नए सिरे से पदस्थापन और कार्य दायित्व का निर्धारण
सरकार ने पूर्व में जारी आदेश को लिया वापस
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने प्रबोधकों को वरिष्ठ प्रबोधक बनाकर उन्हें स्कूल में पदस्थापना दिए जाने के आदेश वापस ले लिए हैं। निदेशालय अब इनका नए सिरे से पदस्थापना और कार्य दायित्व का निर्धारण करेगा।
यह थे पूर्व में दिए गए आदेश
गौरतलब है कि गत 30 जून को निदेशालय ने एक आदेश जारी किए थे जिसके मुताबिक प्रदेश के स्कूलों में कार्यरत 10 हजार प्रबोधकों में से पांच हजार प्रबोधकों को वरिष्ठ प्रबोधक के पद पर 10 जुलाई तक पदोन्नति दी जानी थी। यदि किसी स्कूल में एक से अधिक प्रबोधक पदोन्नत होते हैं, तो कनिष्ठ को यथावत रखा जााएगा और वरिष्ठ को उसकी योग्यता अनुसार प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक स्कूलों में अध्यापक लेवल 1 व 2 के समकक्ष पदों पर लगाया जा सकेगा। जो प्रबोधक विषय अंग्रेजी, विज्ञान, गणित के होंगे, उन्हें उच्च प्राथमिक स्कूलों में संबंधित विषय के स्वीकृत अध्यापक लेवल 2 के पद पर लगाया जा सकता है। जो प्रबोधक विषय सामान्य के होंगे, उन्हें प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक स्कूलों में केवल अध्यापक लेवल प्रथम के पदों पर लगाया जाएगा। यानी उन्हें पदोन्नति तो दे दी थी लेकिन इनको सैकंड ग्रेड लेवल अध्यापक के समान सैकंडरी एजुकेशन या मिडिल स्कूलों में एचएम के पद पर नहीं लगाकर बीएसटीसी के समान लेवल-1 में सामान्य शिक्षकों की सूची में डाल दिया और अब इनको लेवल-2 की जगह लेवल-1 के शिक्षकों के समान कार्य करना होगा। निदेशालय के इन आदेशों का प्रबोधक लगातार विरोध कर रहे थे और उन्होंने इसे लेकर आंदोलन तक की चेतावनी दी थी, जिसके बाद निदेशालय ने इन आदेशों को वापस ले लिया।