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जेडीए अधिकारी पहले तो सील इमारतों में हुए अवैध निर्माण को लेकर कठघरे में खड़े नजर आए और अब कार्रवाई में लीपापोती कर रहे हैं। जेडीए सोमवार को ऐसी ही दो इमारतों पर कार्रवाई करने पहुंचा तो एक भवन में एन मौके पर स्टे की प्रति आ गई, जबकि दूसरी इमारत में दरार के कारण काम रोकना पड़ा। यहां अफसरों ने लापरवाही बरती, जबकि इस इमारत में लोग रह रहे थे।
ऐसे में दुर्घटना की आशंका बन गई। इस घटनाक्रम के बाद उच्चाधिकारियों का जोश ठण्डा हो गया। हालांकि, पुलिस अधीक्षक राहुल जैन अभी तक ऐसे मामलों में जिम्मेदारों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं ले पाए हैं। यही कारण है कि लगातार इस तरह की प्रक्रिया सामने आ रहे है।
शाम 5 बजे पहुंचे और कुछ ही देर में स्टे
न्यू सांगानेर रोड पर दादूदयाल नगर में भूखण्ड ए-200 में कार्रवाई प्रस्तावित कर दी। प्रवर्तन अधिकारी को सुबह 10 बजे रवाना होना था, कार्रवाई शाम 5 बजे शुरू की और सम्पत्ति मालिक स्टे ले आया। मामला न्यायिक प्रक्रिया होने के बावजूद जानकारी जुटाए बिना ही कार्रवाई करने पहुंच गए।
बताया जा रहा है कि यहां जेडीए ट्रिब्यूनल से 21 दिसम्बर, 2016 से स्टे है, जो इस मई तक प्रभावी है। सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई से पहले जानकारी प्रवर्तन अधिकारी को थी। अवैध तरीके से बनी इमारत को 8 जून, 2016 को सील किया गया था। भूखण्ड कन्हैयालाल शर्मा के नाम है, जबकि निर्माणकर्ता विकास चौधरी है।
जान जोखिम में डाल शुरू की कार्रवाई
विद्याधर नगर इलाके में सेक्टर 7 स्थित भूखण्ड संख्या सी-7 में 15 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर अवैध रूप से पेंटहाउस निर्माण कर लिया गया। यहां सीलिंग की गई, लेकिन उसे हटा दिया गया। जेडीए अफसरों ने यहां भी करीब दोपहर 1 बजे कार्रवाई शुरू की।
इस दौरान लोखण्डा मशीन चलाई गई, जिससे नीचे के फ्लैट में दरार आने की शिकायत सामने आई। इसी इमारत के अन्य फ्लैट में लोग रहे थे। इनकी सुरक्षा का इंतजाम किए बिना ही जेडीए ने मनमाने तरीके से कार्रवाई शुरू कर दी। अब जेडीए विशेषज्ञों से राय के आधार पर काम करने की बात कहकर बच रहा है। यहां भी कार्रवाई रोक दी गई है।
कार्रवाई शुरू कर दी थी, लेकिन दरार आने की शिकायत हुई। इसके बाद कार्रवाई रोकनी पड़ी। अब एक्सपर्ट की राय लेकर आगे की कार्रवाई करेंगे।
महेन्द्र गुप्ता, प्रवर्तन अधिकारी (जोन 2), जेडीए
4 दिन पहले कार्रवाई कर दी बंद...
जोन 8 के विधानसभा नगर स्थित भूखण्ड संख्या एफ-71 में चार दिन पहले शुरू हुई कार्रवाई सोमवार को थम गई। यहां प्रवर्तन अधिकारी ने काम रुकवा दिया। जबकि, अभी काफी निर्माण ध्वस्त करना बाकी है। इस तरह से कार्रवाई पर जेडीए अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। जेडीए अधिकारियों से इस अधूरी कार्रवाई पर जवाब देते नहीं बन रहा।
जोन उपायुक्त के मौके पर आने से कार्रवाई शुरू करने में देरी हुई। निर्माणकर्ता स्टे ले आया, अत: कार्रवाई रोकनी पड़ी। निर्माणकर्ता से पहले भी स्टे की प्रति मांगी, मौखिक कहते रहे।
रतनलाल, प्रवर्तन अधिकारी
(जोन 8), जेडीए
Published on:
07 Mar 2017 10:26 am

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