
वात को संतुलित कर दिमाग को शांत रखेगा तिल का तेल
तेल की मसाज से वात संबंधी समस्याओं का जोखिम कम किया जा सकता है। आयुर्वेद में मसाज के लिए तिल के तेल को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इस तेल से नियमित सिर, हाथ-पैर और पूरे शरीर की हल्की मालिश की जाए तो एंजाइटी, डिप्रेशन, पेट में गैस बनना, सांस संबंधी समस्या आदि में आराम मिलेगा। तिल का तेल विटामिन के, विटामिन बी कॉम्प्लैक्स, विटामिन डी, विटामिन ई और फॉस्फोरस का बेहतरीन स्रोत है। इसकी मालिश से हड्डियों संबंधी समस्या में भी लाभ मिलता है। तिल के तेल का प्रयोग खाने में भी किया जा सकता है। एक चम्मच तिल के तेल के प्रयोग से शरीर को ताकत मिलेगी।
एक्सपर्ट कमेंट
हर मौसम में तिल के तेल का प्रयोग लाभकारी है। यदि सुबह तेल की हल्की मालिश के बाद धूप में बैठकर एक गिलास दूध पीएं तो विटामिन डी की कमी दूर हो सकती है। साथ ही हड्डियों का दर्द भी दूर होगा।
Published on:
10 Oct 2020 08:49 pm
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