
Stay Young
भारत में बुजुर्गों की कुल आबादी 13.8 करोड़ है। यह देश की कुल आबादी का 10 फीसदी है। कोरोना के बाद वृद्धों की आय, स्वास्थ्य, सुरक्षा और जीवनशैली में आए व्यापक अंतर को समझने के लिए हेल्प एज इंडिया की ओर से एक सर्वे किया गया। पाया गया कि देश में 71 फीसदी बुजुर्ग किसी तरह का काम नहीं कर रहे, जबकि 36 फीसदी काम करने को तैयार हैं और उनमें से 40 फीसदी ऐसे हैं, जो ज्यादा से ज्यादा उम्र तक काम करना चाहते हैं। वहीं 61 फीसदी बुजुर्ग मानते हैं कि देश में उनके लिए पर्याप्त और सुलभ रोजगार के अवसर नहीं हैं।
वर्क फ्रॉम होम के लिए तैयार
राष्ट्रीय रिपोर्ट ’ब्रिज द गैप-अंडरस्टैंडिंग एल्डर नीड्स’ कई तथ्यों को उजागर करती है, जैसे देश में बुजुर्ग वर्तमान में काम करना चाहते हैं। जब सवाल किया गया कि वरिष्ठों की स्थिति को सुधारने के क्या विकल्प हो सकते हैं तो 45 फीसदी ने वर्क फ्रॉम होम और 29 फीसदी ने सेवानिवृत्ति की आयु में वृद्धि का सुझाव दिया।
अपनों की आंखों में ही लगे चुभने
मौखिक दुर्व्यवहार, उपेक्षा और आर्थिक शोषण बुजुर्गों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के प्रमुख रूप हैं। 59 फीसदी बुजुर्गों को लगता है कि समाज में वृद्धों के साथ बुरा व्यवहार होता है। वहीं 10 फीसदी वृद्धों ने माना कि उनके साथ बेटे (35% ), बहु(21 % ) और रिश्तेदार(36 % ) ने बुरा व्यवहार किया। रिपोर्ट का यह आंकड़ा चौंकाता है कि 13 फीसदी वृद्धों ने पिटाई और थप्पड़ के रूप में शारीरिक शोषण का सामना किया।
दुनिया में कई प्रोग्राम
Published on:
17 Jun 2022 01:37 am
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