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राजस्थान में देश का पहला ऑलिव लीफ टी प्लांट तैयार, पूरी दुनिया में होगी ग्रीन टी की सप्लाई

सरकार की नौ साल की मेहनत अब रंग लाई है। देश का पहला ऑलिव लीफ टी प्लांट तैयार है। इसमें अगले महीने से उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।

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Santosh Trivedi

May 26, 2017

सरकार की नौ साल की मेहनत अब रंग लाई है। देश का पहला ऑलिव लीफ टी प्लांट तैयार है। इसमें अगले महीने से उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। देश का यह पहला प्लांट सरकार की मदद से बस्सी में तैयार कर लिया गया है। इस प्लांट का उद्घाटन करने के लिए सीएम को न्यौता भेजा गया है। प्लांट में जो ग्रीन टी तैयार होगी, उसके लिए विदेशी बाजारों की तलाश जारी है। अमरीका, जापान, दुबई, लंदन समेत अन्य कई देशों से इस बारे में बातचीत शुरू कर दी गई है।

इजराइल से लाकर लगाई गई थी फुलवारी

साल 2008 में बीजेपी सरकार के समय इस प्लान को तैयार किया गया था। उस समय सैकड़ों ऑलिव के पौधों को राजस्थान मंगाया गया था। यहां लाकर जालोर, जयपुर और बीकानेर समेत अन्य कुछ जिलों में इनकी पैदावार शुरू कर दी गई थी। पैदावर शुरू होने के साथ अब यह पौधे, पेड़ का रुपए ले चुके हैं। अब इनकी पत्तियों को तोडऩे का काम शुरू हो गया है। प्रदेश भर से ये पत्तियां अब जयपुर के पास बस्सी में बने प्लांट में भेजी जा रही हैं।

एक हैक्टेयर में 475 पेड़, दो लाख तक सालाना मुनाफा

बस्सी में सरकार की दखल से जिस कंपनी ने प्लांट शुरू किया है उनका कहना है कि इस प्लांट से किसानों को भी लाखों रुपयों का फायदा होना तय है। प्लांट संचालकों का कहना है कि किसान एक हैक्टेयर में 475 पेड़ लगाते हैं।

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पूरे साल सही देखभाल के बाद पत्तियों को सही तरह से तोड़ा जाता है तो हर साल एक हैक्टेयर पर दो से ढ़ाई लाख रुपए का मुनाफ निश्चित है। इस मुनाफे को थोड़े प्रयास से और बढ़ाया जा सकता है।

एक कप चाय दूर कर देगी महिलाओं में कैल्शियम की कमी

प्लांट संचालक कंपनी ऑलिटिया है। कंपनी संचालकों ने बताया कि ग्रीन टी तीन फ्लेवर में तैयार की जा रही है। इनमें पुदीना, अदरक और तुलसी शामिल है। संचालकों का कहना है कि इस पर लंबी रिसर्च भी गई है। रिसर्च में सामने आया है कि यह ग्रीन टी खासतौर पर महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित है। एक कप ही महिलाओं में पूरे दिन की कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए काफी है। गौरतलब है कि ऑलिव का लंबे समय से मलेरिया और कैंसर की दवाएं बनाने मंे भी प्रयोग किया जाता रहा है।

ग्रीन टी के बाद अब ऑलिव के कैप्सूल

प्लांट संचालकों का कहना है कि सरकार ने उनको पांच साल के लिए जमीन दी है। पांच साल में 75 प्रतिशत मुनाफा हमारा रहेगा, बाकि बचे मुनाफे में से एक बड़ा हिस्सा सरकार का भी रहेगा। प्लांट को बस्सी के बाद अन्य जगहों पर भी लगाया जा सकता है। प्लांट में फिलहाल तो ग्रीन टी तैयार की जा रही है। उसके बाद ऑलिव के कैप्सूल भी तैयार होंगे। ये एक तरह से मल्टी विटामिन के रूप में काम करेंगे।

छह सौ रुपए किलो हो सकते हैं भाव

कंपनी ने फिलहाल चाय की कीमत तय नहीं की है। लेकिन दामों को पांच से छह सौ रुपए किलो के बीच रखा जाना है। तीन फ्लेवर के साथ ही चाय तीन पैकिंग में तैयार होगी। इसमें दो सौ ग्राम, पांच सौ ग्राम और एक किलो के पैक होंगे। प्लांट में काम पूरी तरह से तैयार है। उद्घाटन के बाद प्लांट शुरू कर दिया जाएगा। देश में यह पहला प्लांट है। पूरी दुनिया हमारी ग्राहक है।

धर्मपाल गढ़वाल, एमडी


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