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Om Birla : लोक सभा स्पीकर के संवैधानिक पद पर पूरे किए 4 साल, कार्यकाल को लेकर कही ये बड़ी बातें

Lok Sabha Speaker Om Birla Latest News : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का 4 वर्ष का कार्यकाल पूरा, 19 जून 2019 को संभाली थी महत्वपूर्ण संवैधानिक ज़िम्मेदारी, चार वर्ष के कार्यकाल और अनुभव पर जारी किया संदेश, सहयोग के लिए सभी दलों के सांसदों का जताया आभार  

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Om Birla completes 4 year tenure as Lok Sabha Speaker

जयपुर।

17वीं लोकसभा में बतौर स्पीकर कोटा सांसद ओम बिरला के चार वर्ष का कार्यकाल आज पूरा हो गया है। 19 जून 2019 को आज ही के दिन उन्होंने इस महत्वपूर्ण संवैधानिक पद का ज़िम्मा संभाला था। इस पड़ाव को याद करते हुए बिरला ने सोमवार को जारी अपने संदेश में कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के रूप में ये चार वर्ष उल्लेखनीय रहे हैं। विधायी कामकाज की दृष्टि से देखें तो 17वीं लोकसभा के विगत 11 सत्रों में कुल 162 विधेयक पुरःस्थापित तथा 169 विधेयक पारित किए गए हैं।

'सभी सांसदों का सहयोग मिला'
बिरला ने कहा कि गत चार वर्षों के कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री के अलावा सदन के सभी दलों के सदस्यों का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ। सभी सांसदों ने चर्चा और संवाद के द्वारा जनता की आशाओं और अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास किया।

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'भारत की प्रतिष्ठा में हुई अभिवृद्धि'
लोकसभा स्पीकर ने कहा कि लोकतंत्र की सार्थकता इसी में है कि दल और विचारधारा की भिन्नता के बाद भी राष्ट्रहित और जनकल्याण के विषयों पर चर्चा के बाद हम सामूहिकता से निर्णय लें। विगत चार वर्षों में लोक सभा ने ऐसा करके "लोकतंत्र की जननी" के रूप में भारत की प्रतिष्ठा में अभिवृद्धि की।

'93 प्रतिशत बढ़ी कार्य उत्पादकता'
बिरला ने कहा कि माननीय सदस्यों के सहयोग और सक्रिय सहभागिता का ही परिणाम है कि 17वीं लोक सभा के पहले चार वर्षों में आयोजित 11 सत्रों के दौरान सदन की कार्य उत्पादकता 93.09% रही।

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'सरकार से प्राप्त जवाबों में वृद्धि हुई'
उन्होंने कहा कि विगत चार वर्षों के दौरान माननीय सदस्यों के सक्रिय प्रयासों और सरकार के सहयोग से हम कार्यपालिका की जवाबदेही सुनिश्चित करने में सफल रहे। नियम 377 के तहत सरकार से प्राप्त जवाबों में वृद्धि हुई। प्रश्नकाल के दौरान भी अधिक प्रश्नों के मौखिक उत्तर दिए गए।

'सभी सदस्यों को दिए ज़्यादा अवसर'
बिरला ने कहा कि सदन जनभावनाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बने, इसके लिए सभी सदस्यों को अपना मत प्रस्तुत करने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाने के प्रयास किए गए। विधेयकों पर चर्चा हो अथवा शून्य काल, पहले की तुलना में अधिक सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए।

'महिला सदस्यों ने लिया बढ़-चढ़कर भाग'
लोकसभा स्पीकर बिरला ने कहा कि विधायी कार्यों, नीति-निर्धारण तथा कार्यक्रम क्रियान्वयन को बेहतर बनाने में महिला सदस्यों की भूमिका सुनिश्चित करने में भी 17वीं लोक सभा अग्रणी रही। गत चार वर्षों में 367 महिला सदस्यों ने विधेयकों पर चर्चा में भाग लिया।