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ओएनडीसी लाएगा ई-कॉमर्स में ‘क्रांति’, छोटे दुकानदारों को सबसे अधिक लाभ

देशभर में आम लोगों के लिए ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) की शुरुआत इसी महीने होने की उम्मीद है। ओएनडीसी एक तरह का सरकारी ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस हैं जहां छोटे से छोटे किराना व्यापारी भी अपना रजिस्ट्रेशन कराकर अपना सामान बेच सकते हैं। इस प्लेटफॉर्म पर खुदरा और थोक खरीदारों को किसी भी रजिस्टर्ड वेंडर से सामान खरीदने की सुविधा मिलेगी।

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देशभर में आम लोगों के लिए ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) की शुरुआत इसी महीने होने की उम्मीद है। ओएनडीसी एक तरह का सरकारी ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस हैं जहां छोटे से छोटे किराना व्यापारी भी अपना रजिस्ट्रेशन कराकर अपना सामान बेच सकते हैं। इस प्लेटफॉर्म पर खुदरा और थोक खरीदारों को किसी भी रजिस्टर्ड वेंडर से सामान खरीदने की सुविधा मिलेगी।

विशेषज्ञों ने कहा कि ओएनडीसी देश में ई-कॉमर्स के लिए क्रांतिकारी साबित होगा। इससे ग्राहकों को तो फायदा होगा ही, छोटे किराना दुकानदारों के साथ खिलौना बनाने वालों, कपड़े के दुकानदारों आदि को बड़ा लाभ होगा। ये इस प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी बिक्री बढ़ा सकेंगे। इस एक प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों को सभी सेलर्स मिल जाएंगे चाहे वे किसी भी ई-कॉमर्स पर रजिस्टर्ड हों। इससे सेलर्स के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ग्राहकों को सस्ता सामान मिलेगा।

कोई शुल्क नहीं

मान लीजिए कोई ग्राहक यदि पेटीएम से ओएनडीसी पर लॉगइन करेगा तो उसे केवल पेटीएम के सेलर्स के प्रोेडक्ट नहीं, बल्कि, मीशो, अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील जैसे सेलर्स के भी प्रोडक्ट दिखेंगे, जिनकी खरीदारी की जा सकेगी।

ऐसे काम करेगा ओएनडीसी

ओएनडीसी एक तरह की ओपन रजिस्ट्री होगी जिसमें छोटे दुकानदार खुद को रजिस्टर करा सकेंगे। किसी रिटेलर को ऑनलाइन मार्केट में सामान बेचने के लिए खुद के अलग-अलग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर नहीं कराना होगा। इस प्लेटफॉर्म के जरिए लोग साबुन-तेल की खरीदारी से लेकर, हवाई टिकट बुकिंग, ग्रॉसरी, फूड ऑर्डर और डिलीवरी, होटल बुकिंग आदि कर पाएंगे। इस प्लेटफॉर्म से जुड़कर सामान बेचने वाले दुकानदारों को कोई शुल्क नहीं देना होगा।

सेगमेंट हिस्सेदारी

फूड एंड ग्रोसरी 68%

लाइफस्टाइल 15%

इलेक्ट्रॉनिक्स 05%

उत्पाद हिस्सेदारी

इलेक्ट्रॉनिक्स 40%

अपैरल-फैशन 40%

फूड एंड ग्रोसरी 08%

ज्वैलरी 06%

फर्नीचर 04%


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