
राजस्थान में जल्द लागू होगा
जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक के कार्यकारी सदस्य इन्द्रेश कुमार ने कहा कि देश के विकास के लिए समान नागरिक संहिता जरूरी है। यह राष्ट्रीय एकता और धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा देती है। समान नागरिक संहिता सभी नागरिकों के बीच समानता की भावना पैदा करती है, भले ही उनका धर्म या समुदाय कुछ भी हो। यह कानूनी प्रणाली को सरल और युक्तिसंगत बनाती है। इन्द्रेश राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच, राजथान चैप्टर की ओर से बुधवार को पाथेय भवन मालवीय नगर में "एक देश-एक कानून" संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रुप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता विभिन्न पर्सनल लॉज़ की जटिलताओं और विरोधाभासों को दूर करती है। इससे कानूनी प्रणाली को समझना और लागू करना आसान हो जाता है। नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती है। इससे भेदभाव और अन्याय को कम करने में मदद मिलती है।
संगोष्ठी के मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री प्रेम चन्द बैरवा ने कहा कि समान नागरिक संहिता विभिन्न पर्सनल लॉज़ के अंतर्गत महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव और उत्पीड़न को दूर करेगी। यह विवाह, तलाक़, उत्तराधिकार, गोद लेने, भरण-पोषण आदि मामलों में महिलाओं को समान अधिकार और दर्जा प्रदान करेगी। यह कानून एक धागा है जिसमें विभिन्न धर्म, जाति, के लोग इसके फूल है। जल्द राजस्थान में भी सभी को पिरोया जाएगा इस कानून में। इससे पहले संगोष्ठी में सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता प्रशांत चतुर्वेदी, फेन्स राजस्थान चेप्टर के अध्यक्ष डॉ एस.एस.अग्रवाल, राष्ट्रीय कार्यकारणी से राष्ट्रीय महासचिव जसबीर सिंह ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन मुकेश पारीक और महासचिव पुष्पकर उपाध्याय ने धन्यावद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के आरम्भ में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक सत्यनारायण के देहावसान हो जाने पर 2 मिनट का मौन रख कर श्रन्दांजलि दी गई।
Published on:
07 Feb 2024 10:16 pm
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