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ऑनलाइन नशीले पदार्थ बेचने के खिलाफ जयपुर के व्यापारी

जयपुर के व्यापारी (jaipur merchants) ऑनलाइन (online business) नशीले पदार्थ बेचने के खिलाफ उतर आए है। कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स राजस्थान (Confederation of All India Traders Rajasthan) के नेतृत्व में व्यापारियों ने ऑनलाइन नशीले पदार्थ बेचने पर रोक लगाने की मांग उठाई है। जीएसटी काउंसिल में आगामी 1 जनवरी से टेक्सटाइल एवं उससे जुड़े कार्यों व फुटवियर पर 12 प्रतिशत जीएसटी के प्रावधान को वापस लेने की मांग की है।

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ऑनलाइन नशीले पदार्थ बेचने के खिलाफ जयपुर के व्यापारी

ऑनलाइन नशीले पदार्थ बेचने के खिलाफ जयपुर के व्यापारी

ऑनलाइन नशीले पदार्थ बेचने के खिलाफ जयपुर के व्यापारी
- ऑनलाइन नशीले पदार्थ बेचने पर रोक लगाने की उठाई मांग


जयपुर। जयपुर के व्यापारी ऑनलाइन (online business) नशीले पदार्थ बेचने के खिलाफ उतर आए है। कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स राजस्थान (Confederation of All India Traders Rajasthan) के नेतृत्व में व्यापारियों ने ऑनलाइन नशीले पदार्थ बेचने पर रोक लगाने की मांग उठाई है। जीएसटी काउंसिल में आगामी 1 जनवरी से टेक्सटाइल एवं उससे जुड़े कार्यों व फुटवियर पर 12 प्रतिशत जीएसटी के प्रावधान को वापस लेने की मांग की है।


अध्यक्ष सुभाष गोयल ने कहा कि ई-कॉमर्स पोर्टल के जरिये गांजा की बिक्री मानवता के साथ जघन्य अपराध है। केंद्र को इस संबंध में ठोस ई-कॉमर्स नीति बनाकर इस पर अंकुश लगाना चाहिए। ट्रेडर्स के जयपुर अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने कहा कि राजस्थान में भी कोई भी ई-कॉमर्स कंपनी इस तरह का जघन्य कारोबार न कर सके, इस पर सरकार को नजर रखी जानी चाहिए। राजस्थान में इस तरह की घटना नहीं हो, इस पर लगाम लगनी चाहिए।

महामंत्री सुरेन्द्र बज ने कहा कि कपड़ा, रोटी और मकान तीनों आदमी के आवश्यकता की जरुरी व अनिवार्य है। हिंदुस्तान में गरीब आदमी कपड़े और जूतों पर 12 प्रतिशत टैक्स की मार को सहन नहीं कर पाएगा और इससे हमारी टैक्सटाइल इंडस्ट्री भी विदेशों की तुलना में कंपटीशन में पिछड़ जाएगी। इस समय टेक्सटाइल इंडस्ट्री की ओर से काफी माल निर्यात किया जाता है। 12 प्रतिशत जीएसटी स्लैब लगने पर विदेशी कंपनियों के कंपटीशन में भारतीय कम्पनिया ठहर नहीं पाएंगी।