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विरोध: अब घर घर राशन भी बंटवाएंगे शिक्षक

अब राशन भी बंटवाएंगे शिक्षकघर घर जाकर करना होगा आधार सीडिंग का कामखाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने जारी किए आदेशआरटीई अधिनियम की उड़ी धज्जियां

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Oct 02, 2020

विरोध: अब घर घर राशन भी बंटवाएंगे शिक्षक

विरोध: अब घर घर राशन भी बंटवाएंगे शिक्षक

टिड्डी दल निगरानी नियंत्रण कक्ष में ड्यूटी, पशुगणना का काम करने के बाद अब शिक्षकों को उचित मूल्य की दुकानों पर बैठकर राशन वितरण में सहयोग, घर घर जाकर आधार सीडिंग का कार्य भी करना होगा। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत प्रदेश की सभी उचित मूल्य की दुकानों को ऑनलाइन किया जाना है। जिसके तहत उपभोक्ताओं के राशन कार्ड का आधार कार्ड से सीडिंग करना है और उसका सत्यापन करना है। जिनके आधार कार्ड सीडिंग पहले से हैं उनका सत्यापन करना है। उपभोक्ता के राशन कार्ड में किसी व्यक्ति का आधार कार्ड सीड नहीं है तो उसका सीडिंग भी किया जाना है। इस कार्य में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से बीएलओ जो कि अधिकांश शिक्षक ही हैं कि ड्यूटी लगाने के आदेश जारी किए हैं। जिसका शिक्षक विरोध कर रहे हैं और उन्होंने गैर शैक्षणिक और निर्वाचन से अतिरिक्त किसी अन्य कार्य में ड्यूटी नहीं लगाने की मांग की है।
यह कार्य भी हैं शिक्षक के जिम्मेदारी
ट्रेजरी से संबंधित कार्य
शाला दर्पण पोर्टल संबंधित लिपिकीय कार्य
टिड्डी दल निगरानी नियंत्रण कक्ष में ड्यूटी
पशुगणना, शैक्षिक प्रकोष्ठ संबंधित कार्यालय कार्य
कार्यालय में कम्प्यूटर कार्य
आयकर फॉर्म 16 व सरल फॉर्म ऑनलाइन भरने का काम
एसीपी व चयनित वेतनमान एरियर की कम्प्यूटर शीट निकालने आदि का काम भी शिक्षक ही करते हैं।

मुख्य सचिव ने 6 जून को जारी किए थे आदेश
गौरतलब है कि शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य नहीं करवाने के आदेश पिछले 9 साल में कई बार जारी किए जा चुके हैं। कभी राज्य सरकार इस संबंध में आदेश जारी करती है तो कभी शिक्षा निदेशालय लेकिन हर बार आदेश हवा हो जाते हैं। गौरतलब है कि इस वर्ष भी 6 जून को मुख्य शासन सचिव ने इस संबंध में आदेश जारी किए थे जिसमें शिक्षा विभाग के पूर्व नियमों 1996.1998 एवं निशुल्क एवं बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 27 के अनुसार शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में नहीं लगाने के प्रावधान का हवाला दिया गया था और जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए थे कि शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में नहीं लगाया जाए। इसके साथ ही शिक्षा विभाग भी 18 अक्टूबर 2011, 31 मई 2012, 14 जून 2012, 21 जून 2012, 17 जून 2016, 01 जुलाई 2016, 27 जुलाई 2016, 01 अगस्त 2016, 17 अगस्त 2016 को इस संबंध में आदेश जारी कर चुका है।

क्या कहता है अधिनियम
आपको बता दें कि आरटीई 2009 की धारा 27 के अनुसार शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में नहीं लगाया जा सकता। किसी भी शिक्षक को जनगणना, राहत आपदा कार्य, स्थानीय प्राधिकारी या राज्य मंडलों, विधानसभा और संसद के निर्वाचन संबंधित कार्यों के अतिरिक्त अन्य किसी भी गैर शैक्षणि कार्य में नहीं लगाया जा सकता।
बीएलओ ड्यूटी से मुक्त करने की मांग
राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम और राजस्थान शिक्षक संघ युवा ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से मुक्त किए जाने की मांग की है। सियाराम के प्रदेश प्रवक्ता जागेश्वर शर्मा और राजस्थान शिक्षक संघ युवा के प्रदेशाध्यक्ष आरसी जाखड़ ने कहा कि शिक्षा के अधिकार कानून और न्यायालय के आदेशों के बावजूद भी शिक्षकों को इस प्रकार के गैर शैक्षणिक कार्यों में ड्यूटी लगा कर सरकार शिक्षकों की गरिमा और उसके सम्मान के साथ खिलवाड़ ही नहीं कर रही बल्कि न्यायालय की अवमानना भी कर रही है। राशन कार्ड बनाने, आधार कार्ड सीडिंग आदि समस्त कार्य न तो शैक्षणिक कार्य हैं और ना ही चुनाव से संबधित। ऐसी स्थिति में शिक्षक बीएलओ से यह कार्य करवाया जाना उचित नहीं है।