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फर्म विजिट अभियान का विरोध…इंस्‍पेक्‍टर राज को मिलेगा बढ़ावा

जीएसटी विभाग की ओर से व्यावसायिक स्थलों का दौरा करने के लिए 2 महीने का अभियान शुरू किया गया है।

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जीएसटी विभाग के फर्म विजिट अभियान का विरोध...इंस्‍पेक्‍टर राज को मिलेगा बढ़ावा

जीएसटी विभाग के फर्म विजिट अभियान का विरोध...इंस्‍पेक्‍टर राज को मिलेगा बढ़ावा

जीएसटी विभाग की ओर से व्यावसायिक स्थलों का दौरा करने के लिए 2 महीने का अभियान शुरू किया गया है। इसमें व्यावसायिक प्रतिष्ठान की जीएसटी से सम्बन्धित जांच की जाएगी। इस दौरान अगर कोई भी कमी पाई जाती है, तो जीएसटी विभाग के अधिकारियों के पास 50 हजार रुपए तक की पैनल्‍टी लगाने और फर्म को बोगस करार करने अधिकार होगा। फैडरेशन ऑफ राजस्‍थान ट्रेड एंड इंडस्‍ट्री यानि फोर्टी ने जीएसटी विभाग के इस अभियान पर विरोध जताया है। फोर्टी अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल का कहना है कि वर्तमान में हमारी कर प्रणाली फेसलेस सिस्‍टम की ओर बढ़नी चाहिए। जीएसटी विभाग के पास भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान की सभी सूचनाएं ऑनलाइन उपलब्‍ध हैं। इस तरह के अभियान से इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा और व्यवसायी वर्ग प्रताड़ित होगा। हालांकि आवश्‍यकता है तो प्रतिष्ठान और साइन बोर्ड की फोटो मंगवाई जा सकती है।

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यह जांच कर सकता है जीएसटी विभाग

फर्म के बाहर बोर्ड पर फर्म का नाम, पता और जीएसटी नम्‍बर
जीएसटी सर्टिफिकेट में फर्म का पता और फर्म के संचालन स्थल का पता समान होना चाहिए
फर्म के पास सेल और परचेज के बिल होने चाहिए
किराएदार फर्म के पास अधिकृत किरायानामा होना चाहिए
यदि जीएसटी सर्टिफिकेट में दिए गए पते पर फर्म का संचालन नहीं हो रहा है तो पेनल्टी