28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान सिखा रहा है पूरे देश को गोबर का पेंट बनाना, अब तक लाखों लीटर बिका…

महज एक साल में देश के 680 लोग इस वैदिक पेंट को बनाने की ट्रेनिंग जयपुर स्थित कुमारप्पा राष्ट्रीय हाथ कागज संस्थान से ले चुके हैं। संस्थान की ओर से तैयार किया गया यह पेन्ट राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय मानकों के अनुरुप है। इस पेन्ट की थिकनेस, स्मूथनेस, और ब्रश पर चलने जैसे तमाम मापदंडों के लिए राष्ट्रीय स्तर की सरकारी व प्रतिष्ठित निजी लैब में इसका परीक्षण कराया जा चुका है। जहां यह पेन्ट सभी मानकों पर खरा उतरा है।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Abdul Bari

Oct 19, 2021

राजस्थान सिखा रहा है पूरे देश को गोबर का पेंट बनाना, अब तक लाखों लीटर बिका...

राजस्थान सिखा रहा है पूरे देश को गोबर का पेंट बनाना, अब तक लाखों लीटर बिका...

शैलेंद्र शर्माजयपुर। खादी व ग्रामोद्योग आयोग राजस्थान ना सिर्फ अपने प्रदेश बल्कि अब पूरे देश को गोबर के वैदिक पेंट का प्रशिक्षण दे रहा है। जिसके चलते पूरे देश में 18 यूनिट लगने जा रही हैं। इसके अलावा जयपुर और नीमराना निजी संस्थान को तकनीकी हंस्तातरण के तहत दो यूनिट लगा जा रही हैं। गोबर का वैदिक पेंट इस कदर पसंद किया जा रहा हैं कि महज इतने कम समय में 15 लाख लीटर से भी ज्यादा इसकी बिक्री हो चुकी है। हानिकारक रहित रसायनों के उपयोग से गाय के गोबर से पेन्ट बनाया जा रहा है जो घर—भवनों की रंगाई पुताई के अलावा सभी तरह के मेटल और लकड़ियों पर किया जा सकता है। वर्तमान में राजस्थान में जयपुर के कुप्पारपा खादी प्लाजा झालाना संस्थानिक क्षेत्र और जोधपुर में वैदिक पेंट की बिक्री हो रही है। इसके अलावा जयपुर व नीमराना में इसकी यूनिट स्थापित की जा रही है।

680 लोगों ने ली ट्रेनिंग, मानकों पर खरा
महज एक साल में देश के 680 लोग इस वैदिक पेंट को बनाने की ट्रेनिंग जयपुर स्थित कुमारप्पा राष्ट्रीय हाथ कागज संस्थान से ले चुके हैं। संस्थान की ओर से तैयार किया गया यह पेन्ट राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय मानकों के अनुरुप है। इस पेन्ट की थिकनेस, स्मूथनेस, और ब्रश पर चलने जैसे तमाम मापदंडों के लिए राष्ट्रीय स्तर की सरकारी व प्रतिष्ठित निजी लैब में इसका परीक्षण कराया जा चुका है। जहां यह पेन्ट सभी मानकों पर खरा उतरा है।

18 निजी संस्थान को तकनीकी हंस्तातरण
खादी व ग्रामोद्योग आयोग राज्य निदेशक बद्रीलाल मीणा ने बताया कि जयपुर स्थित ट्रेनिंग सेंटर से सीखकर जाने के बाद देश में अभी 18 यूनिट लगाई जा रही हैं। इसके तहत डीलरशिप का आवंटन भी कर दिया है। निदेशक मीणा ने बताया कि अभी त्योहारी सीजन को देखते हुए 30 प्रतिशत का ट्रेड डिस्काउंट दिया है। इसके अलावा आजादी के अमृत महोत्सव के तहत खादी के आउटलेट पर 10 प्रतिशत की छूट के साथ इस पेंट की सेल हो रही है। उन्होंने बताया कि आयोग का उददृेश है कि हर गांव तक रोजगार पहुंचे और हर गौशाला को आर्थिक संबंल मिल सके। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत फीसदी की सब्सिडी का प्रावधान है।

वर्तमान में कुमारप्पा राष्ट्रीय हाथ कागज संस्थान को सेंटर फॉर एक्सीलेंस बनाने के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन टीम के दृवारा इसका पुर्ननिर्माण किया जा रहा है। इसके लिए एमएसएमई मंत्रालय से प्रतिनिधि मंडल दौरा कर रहे हैं। इस संस्थान को उच्चतम गुणवत्ता का बनाने का प्रयास किया जा रहा हैं।

देश का एकमात्र स्थान
कुमारप्पा राष्ट्रीय हाथ कागज संस्थान देश का एक मात्र प्रशिक्षण केंद्र हैं जहां कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हुए गोबर के वैदिक पेंट बनाने और उसकी ईकाई लगाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता हैं कि यहां ट्रेनिंग के लिए नंबवर तक के बैच की सीटें भर चुकी हैं।