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अयोध्या में विहिप और शिवसेना की धर्मसभा का आयोजन

श्रीरामजन्मभूमि विवाद को लेकर रविवार को दूसरे दिन भी अयोध्या में गहमागहमी बनी रही। एक तरफ विश्व हिन्दू परिषद की ओर से आयोजित धर्मसभा में बड़ी संख्या में साधु-संत और रामभक्त शामिल हुए वहीं दूसरी ओर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संवाददाताओं से कहा कि केंद्र में भाजपानीत सरकार रहे या न रहे अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण जरूर होगा।

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जयपुर

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Nitin Sharma

Nov 26, 2018

ayodhya

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अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि विवाद को लेकर रविवार को दूसरे दिन भी अयोध्या में गहमागहमी बनी रही। एक तरफ विश्व हिन्दू परिषद की ओर से आयोजित धर्मसभा में बड़ी संख्या में साधु-संत और रामभक्त शामिल हुए वहीं दूसरी ओर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संवाददाताओं से कहा कि केंद्र में भाजपानीत सरकार रहे या न रहे अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण जरूर होगा। इन आयोजनों के मद्देनजर अदालत के निर्देश पर जिला प्रशासन ने यहां सुरक्षा के बेहद कड़े प्रबंध किए। धर्मसभा में प्रमुख साधु-संतों ने विश्वास जताया कि मोदी सरकार पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाएगी।

चित्रकूट पीठाधीश्वर एवं पद्म विभूषण जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य ने दावा किया कि 11 दिसम्बर के बाद केन्द्र सरकार श्रीराम जन्मभूमि पर विराजमान रामलला के भव्य मंदिर निर्माण का अध्यादेश लाएगी। स्वामी रामभद्राचार्य रविवार को यहां पंचकोसी परिक्रमा मार्ग स्थित बड़ा भक्तमाल की बगिया में आयोजित विराट धर्मसभा में कहा कि 23 नवम्बर को केन्द्र के एक वरिष्ठ मंत्री से हमारी बातचीत हुई थी। मंत्री ने उनसे कहा कि पांच राज्यों में अभी चुनाव होने के नाते आचार संहिता लागू है। 11 दिसम्बर को हम सभी मंत्री ऐसा निर्णय लेने जा रहे हैं जिससे राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। उन्होंने कहा, 'रामजन्मभूमि का संघर्ष बहुत पुराना है। वर्ष 1984 से मैं इस आंदोलन से जुड़ा हूं। इसके साक्षी बड़े-बड़े लोग बने हैं, इनमें से कई इस दुनिया को अलविदा भी कह चुके हैं। रामजन्मभूमि आंदोलन के अगुवा रहे अशोक ङ्क्षसहल भी अब इस दुनिया में नहीं रहे। केन्द्र के उस वरिष्ठ मंत्री का नाम मैं आप लोगों को नहीं बताऊंगा। हमने उनसे कहा कि राम मंदिर निर्माण कार्य शुरू होने के लिए कब तक धैर्य धारण करेंगे तो उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि अभी प्रतीक्षा करो।

पांच राज्यों के चुनाव बाद फैसले की उम्मीद
उन्होंने कहा कि हम तो सोच रहे थे कि छह दिसम्बर के पहले-पहले राम मंदिर मसले पर कोई निर्णय आ जाएगा लेकिन अब ऐसा नहीं लग रहा है। उन्होंने धर्मसभा में आए रामभक्तों से कहा 'जिस मंत्री से हमारी बातचीत हुई है उस मंत्री का स्थान प्रधानमंत्री के बाद आता है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि पांच राज्यों में हो रहे चुनाव अर्थात 11 दिसम्बर के बाद प्रधानमंत्री सहित हम लोग ऐसा निर्णय लेने जा रहे हैं जिससे राम मंदिर बनकर रहेगा। सिर्फ संत अपना आशीर्वाद बनाए रखें। जिस मंत्री से मेरी बात हुई थी उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विश्वासघात नहीं करेंगे। जैसे ही आचार संहिता समाप्त होगी वैसे ही कोई न कोई निर्णय ले लेंगे।