
ओवेरियन ट्यूमर की दुर्लभ सर्जरी
अहमदाबाद. एक 60 वर्षीय व्यक्ति के रिकरन्ट ग्रैनुलोसा सेल ट्यूमर (ओवेरियन के कैंसर का प्रकार) के एक दुर्लभ मामले में मरेंगो सिम्स अस्पताल में ऑन्कोलॉजी टीम ने रोगी के जीवन को बचाने के लिए एक और अनुकरणीय उपचार सर्जरी की। सर्जरी का संचालन मरेंगो सिम्स हॉस्पिटल के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी कंसल्टेंट डॉ नितिन सिंघल और उनकी टीम ने किया। 60 वर्षीय महिला बड़े द्रव्यमान और एक बड़े चीरे के साथ मरेंगो सिम्स अस्पताल आई थी। पिछले डेढ़ साल में उन्होंने अन्य अस्पतालों में तीन बार उसी चिकित्सा समस्या के लिए ऑपरेशन करवाया था लेकिन हर बार अधूरी सर्जिकल प्रोसीजर के साथ। उन्होंने कई कीमोथेरेपी सेशन्स भी करवाए थे। ग्रैनुलोसा सेल ट्यूमर दुर्लभ और आमतौर पर धीमी गति से बढऩे वाले ओवेरियन ट्यूमर है। वे अंडाशय के आसपास के ऊतकों में बढ़ते हैं। अत्यधिक हार्मोन के उत्पादन से उच्च एस्ट्रोजन होता है और इन उच्च एस्ट्रोजन स्तरों के परिणामस्वरूप असामान्य रक्तस्राव, अनियमित पीरियड्स या पेट बढना जैसी समस्याएं हो सकती है। उपचार की पहली प्रक्रिया में आमतौर पर ट्यूमर को हटाने के लिए सर्जरी होती है। तमाम चुनौतियों के बावजूद मरेंगो सिम्स अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने उस मास को हटा दिया जो लगभग 7 किलो था और उन्हें 4 आंत्र सम्मिलन और कोलोरेक्टल की आवश्यकता थी। रोगी अपनी उम्र के बावजूद अच्छी तरह से ठीक हो गए और उनकी हिस्टोलोजी रिपोर्ट्स से पता चला कि मास पूरी तरह से एक्साइज ग्रेन्युलोसा सेल ट्यूमर वयस्क प्रकार है और रोगी को किसी भी प्रणालीगत चिकित्सा की आवश्यकता नहीं होगी। यह मामला इस बात पर प्रकाश डालता है कि ग्रेन्युलोसा सेल ट्यूमर का उपचार पूर्ण सर्जिकल एक्सिजन है, भले ही यह जटिल हो क्योंकि कीमोथेरेपी और विकिरण का कोई जवाब नहीं था और एक पूर्ण सर्जिकल एक्सिजन न केवल इलाज बल्कि कैंसर को ठीक करने की क्षमता रखता है।
Published on:
12 Nov 2022 12:28 am
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