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समाज-संगठनों में आक्रोश, पद्मावती के रिलीज पर संशय

डिस्ट्रीब्यूटर भी मामला सुलझने के इन्तजार में

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jaipur

जयपुर . निर्माता निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' को लेकर विवाद और बढ़ गया है। राजपूत समाज सहित विभिन्न हिन्दू संगठनों ने इसे रिलीज नहीं होने देने की चेतावनी दी है। रिलीज होने पर संशय के बीच अब डिस्ट्रीब्यूटर भी मामला सुलझने के इन्तजार में हैं।


सिटी पैलेस में बुधवार को प्रेसवार्ता में विधायक दीयाकुमारी ने कहा कि महारानी पद्मावती देश की महिलाओं के लिए आदर्श हैं। शौर्य और साहस की प्रतीक हैं। इतिहास और तथ्यों से छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जा सकती। पद्मिनी देवी ने कहा कि भंसाली अपने वादे से मुकर गए हैं। करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने चेताया कि समाज की सहमति बिना फिल्म रिलीज नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए गुजरात, उत्तरप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में करणी सेना के कार्यकर्ता सजग हैं।

तथ्यों से छेड़छाड़ न हो

इधर, बुधवार को ही प्रेसवार्ता में चौमूं के पूर्व राजपरिवार की सदस्य रुक्मिनी कुमारी ने कहा कि फिल्म रिलीज हो लेकिन ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ न हो। विवादित हिस्से हटाए जाने चाहिए। सूर्य उदय संस्था की अध्यक्ष शोभल सिंह ने कहा कि सेंसर बोर्ड को पत्र भेजकर विवादित अंश हटाने को कहा है।

रोक लगाने की मांग
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा राजस्थान की कालवाड़ रोड स्थित निजी स्कूल में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें सरकार से फिल्म पर रोक लगाने की मांग की गई। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरसिंह भदौरिया सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

जनता कफ्र्यू की चेतावनी

धरोहर बचाओ समिति के संरक्षक भारत शर्मा ने चेतावनी दी कि विवादित अंश हटाए बिना फिल्म रिलीज हुई तो जयपुर में 1 दिसम्बर को जनता कफ्र्यू आहूत किया जाएगा।

फिल्म को लेकर भंसाली और समाज के बीच गतिरोध रहेगा तब तक हमारी कंपनी इसे रिलीज नहीं करेगी।
- राज बंसल, फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर

हमारे पास यह फिल्म नहीं है, इसलिए रिलीज करने का सवाल ही नहीं उठता।

- अनिल थडानी, एए फिल्म्स