जयपुर

Padmini Ekadashi 2023: ब्रह्म-इंद्र योग का संयोग, व्रत का दोगुना मिलेगा फल

Padmini Ekadashi 2023 : ब्रह्म और इंद्र योग में शनिवार को पद्मिनी एकादशी मनाई जाएगी। प्रत्येक तीन वर्ष बाद आने वाले अधिक मास में पड़ने वाली इस एकादशी पर श्रद्धालु भगवान विष्णु की आराधना करेंगे तथा व्रत भी रखेंगे।

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Jul 29, 2023
भगवान विष्णु की पूजा 14 जून को योगिनी एकादशी व्रत पर

Padmini Ekadashi 2023: ब्रह्म और इंद्र योग में शनिवार को पद्मिनी एकादशी मनाई जाएगी। प्रत्येक तीन वर्ष बाद आने वाले अधिक मास में पड़ने वाली इस एकादशी पर श्रद्धालु भगवान विष्णु की आराधना करेंगे तथा व्रत भी रखेंगे। वहीं, मंदिरों में विशेष झांकियां सजाई जाएंगी। गोसेवा और जरूरतमंदों को भोजन कराया जाएगा तथा दिनभर दान-पुण्य का दौर चलेगा।

ज्योतिषाचार्य पं.राजेंद्र शर्मा और आचार्य गौरी शंकर शर्मा ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र और पंचांग के अनुसार मलमास या अधिक मास में आने के कारण पद्मिनी एकादशी को कमला एकादशी भी कहा जाता है। उदया तिथि के अनुसार इस एकादशी का व्रत शनिवार को रखा जाएगा। वहीं, पूजन के सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 7:29 बजे से 9:09 बजे तक है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार पद्मिनी एकादशी के व्रत के बारे में भगवान कृष्ण ने सबसे पहले अर्जुन को बताया था। ज्योतिषविदों के मुताबिक ब्रह्म-इंद्र योग के संयोग के चलते व्रत का दोगुना फल मिलेगा। सौभाग्य में वृद्धि के साथ ही भगवान विष्णु-महालक्ष्मी की कृपा भी बरसेगी।


मंदिरों में सजेंगी विशेष झांकियां
गोविंददेव जी मंदिर, आनंदकृष्ण बिहारी मंदिर, गोपीनाथ जी व इस्कॉन मंदिर सहित अन्य मंदिरों में विशेष झांकियां सजेंगी। गलता, सहित अन्य तीर्थ स्थलों पर भक्त आस्था की डुबकी लगाएंगे।

जप का है काफी महत्व
ज्योतिषाचार्य पुरुषोत्तम गौड़ ने बताया कमला एकादशी का व्रत करने से संतान, यश और बैकुंठ की प्राप्ति होती है। इस दिन जप का काफी महत्व है। गोशाला, तीर्थ क्षेत्र, तुलसी के पौधे के पास जप व भगवान विष्णु की पूजा करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है।

Published on:
29 Jul 2023 06:23 pm
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