राजस्थान की प्राचीन कला उस्ता आर्ट के मोटिफ पर महिला शक्ति के विविध रूप गुरुवार को राजस्थान ललित कला अकादमी (Lalit Kala Academy) में नजर आए। मौका था अकादमी में शुरू हुई प्रदेश की 15 चयनित महिला कलाकारों की प्रदर्शनी का। तीन दिवसीय इस प्रदर्शनी का उद्घाटन विमुक्त घुमंतु और अद्र्ध घुमंतु कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष उर्मिला योगी, विशिष्ट अतिथि महापौर जयपुर हैरिटेज मुनेश गुर्जर ने किया। प्रदर्शनी में बीकानेर से आई आर्टिस्ट फराह ने उस्ता कला को कैनवास पर उतारते हुए उस पर महिला शक्ति को दर्शाया। उन्होंने उस्ता आर्ट के मोटिफ पर सुनहरे, काले और लाल रंग से महिला के विभिन्न रूप जैसे रानी लक्ष्मी बाई, मीरां बाई आदि को कैनवास पर उकेरा। इसी प्रकार बीकानेर की ही एक अन्य कलाकार प्रिया ने अपनी पेंटिंग में सेल्फ पोट्रेट को दर्शाने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया उन्हें इस पेंटिंग में अपने कैरेक्टर का फ्लो दिखाया है। वहीं उन्होंने एक अन्य पेंटिंग में ईवल आइ और ब्लैक मैजिक को दर्शाते हुए उससे बचने के लिए काले रंग का प्रयोग किया है। उन्होंने कहा कि आज भी कई लोग काले जादू को मानते हैं और नजर से बचने के लिए काले रंग के धागे को अपने शरीर में बांधते हैं उसी को उन्होंने अपनी पेंटिंग्स में दर्शाया है। ज्योत्सना ने अपने चित्रों में पुर्नजन्म और मृत्यु के बीच का जो समय होता है उसे दर्शाया हैं। वहीं प्रदर्शनी की क्यूरेटर अतिथि ने बताया कि इन महिलाओं में जयपुर, बीकानेर के साथ कई अन्य महिला कलाकार भाग ले रही हैं। । प्रदर्शनी में भाग लेने वाली कलाकारों में मेघना शर्मा, मेघना दास, मोनिका देवी, मोनिका पारीक, श्वेता नैना,संगीता सिंह,आयुषी सोनी, सुरभि शुभम, प्रिया मारू, फऱाह, ज्योत्सना शुक्ला, सुनीता मीना,श्रेया पटोदिया, निकिता वर्मा, मानसी शर्मा शामिल हैं।