27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भारत में परीक्षा देकर सपने साकार करना चाहते हैं पाकिस्तान के बच्चे

पाकिस्तान में डर के साए में जी रहे हिन्दु परिवारों के तीन बच्चे अपने सपने साकार करने के लिए भारत में नीट परीक्षा देने के लिए आ सकते हैं।

2 min read
Google source verification
Pakistan 3 children can come to India to take NEET exam

जयपुर। पाकिस्तान में डर के साए में जी रहे हिन्दु परिवारों के तीन बच्चे अपने सपने साकार करने के लिए भारत में नीट परीक्षा देने के लिए आ सकते हैं। सिंध में रह रहे अनीता कुमारी, पुष्पा कुमारी और महेश कुमार के लिए एडमिट कार्ड जरी हो चुके हैं, बस वीजा का इंतजार है। जोधपुर में रह रहे रिश्तेदारों की मदद से ये बच्चे अब भारत में अपना भविष्य तलाश रहे हैं। जोधपुर में रह रहे उनके पाक विस्थापित परिजनों का कहना है कि पाकिस्तान में रह रहे हमारे रिश्तेदार आजाद नहीं है। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे यहां आएं, पढ़ें और आजादी क्या होती है, उसे जानें। उनका दावे के साथ कहना है कि वहां (पाक) हमारे बच्चे का भविष्य बन ही नहीं सकता, उल्टा घर में भी अजीब सा डर सताता रहता है। तीनों बच्चों का सेंटर जोधपुर में ही आया है।

पाकिस्तान के तीनों बच्चे पाक से ढाई दशक पूर्व आए जैसलमेर में रह रहे रवि भील है भांज—भांजियां है। रवि भील ने बताया कि बच्चों की कोविड जांच नेगेटिव आई है। उन्होंने भारत और पाक सरकारों से अपील कीहै कि वे वीजा दिलाने में सहायता करें। उन्होंने कहा कि बच्चे विमान से आ सकते हैं। रवि तथा एक एनजीओ से जुड़े जोधपुर रह रहे एक अन्य रिश्तेदार भागचंद भील, जो वर्ष 2005 में पाकिस्तान से आकर यहां रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि विमान से व्यवस्था नहीं हो पाए तो पाकिस्तान सरकार वाघा बॉर्डर पर इन बच्चों के पहुंचने की व्यवस्था कर दे। भारत सरकार भी वहां से हमें अपने बच्चों को लेने की इजाजत दे दे तो वे परीक्षा में बैठ सकेंगे।

अर्जेंट बेसिस पर मिले वीजा, तो ही दे पाएंगे परीक्षा
जानकारी के अनुसार पाक के इन बच्चों ने एनआरआई कोटे के तहत आनलाइन आवेदन किया है। वीजा के लिए प्रयास जारी है। विदेश मंत्रालय बच्चों से जुड़े सभी दस्तावेज जांचने में जुटा है और जोधपुर प्रशासन की तरफ से भी वीजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। अब 13 सितबंर को परीक्षा होनी है। यदि अर्जेंट बेसिस पर वीजा मिला तो ही बच्चे जोधपुर आकर परीक्षा दे सकेंगे।