
कश्मीर पर पाकिस्तान को दोहरी चोट
जेनेवा/ वाशिंगटन. कश्मीर और आतंक के मुद्दों पर पाकिस्तान को दोहरा झटका लगा है। एक तरफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि कश्मीर के मुदद्े पर कोई चर्चा नहीं होगी। वहीं अमरीका के विदेश मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-मोहम्मद पर धन उगाही और आतंकियों की भर्ती को रोकने में पाकिस्तान पूरी तरह नाकाम रहा है।
नवंबर माह की सुरक्षा परिषद की अध्यक्ष करेन पियर्स ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में पूछे गए सवाल के जवाब में स्पष्ट कहा कि दुनिया में और भी मसले हैं जिनपर बात हो सकती है। कश्मीर को लेकर कोई भी योजना नहीं बनाई गई है।
पियर्स ने कहा कश्मीर का चुनाव हमने इसलिए नहीं किया क्योंकि सुरक्षा परिषद को अगस्त में उस पर चर्चा करने का मौका मिला था। इस मामले में सुरक्षा परिषद के किसी सदस्य ने किसी तरह की बैठक के लिए नहीं पूछा है। प्रस्तावित बैठक में दुनिया के और भी दूसरे मसले हैं जिसमें कुछ का चुनाव होगा और उनपर सभी सदस्यों के बीच वार्ता होगी। पियर्स संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन की की स्थाई प्रतिनिधि हैं। मालूम हो कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 और 35ए को निष्प्रभावी करने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तल्खी बढ़ी थी। पाकिस्तान ने मुद्दे को कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया लेकिन उसे हर जगह से बैरंग लौटना पड़ा।
ईराकी पत्रकार ने पूछा था सवाल
संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष 15 देशों में नवंबर के लिए ब्रिटेन को अध्यक्षता की जिम्मेदारी मिली है। इसी को लेकर प्रेस वार्ता में ईराकी पत्रकार ने पियर्स से सवाल पूछा कि इस बार परिषद की अध्यक्षता की जिम्मेदारी ब्रिटेन के पास है तो क्या कश्मीर को लेकर इस चर्चा होगी जिसे पियर्स ने सिरे से खारिज कर दिया।
राजनाथ बोले... आतंक के खात्मे के लिए दोहरा चरित्र छोड़े देशÓ
ताशकंद ञ्च पत्रिका. आतंकवाद को खत्म करने के लिए दोहरा चरित्र छोड़कर मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कानून और रणनीतियों के साथ सभी को एक साथ लडऩा होगा। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को ताशकंद में आयोजित संघाई कॉपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) बैठक में ये बात कही। उन्होंने कहा 'आतंकवाद समाज को खंडित करने का काम कर रहा है जिसका सीधा असर विकास पर हो रहा है। ऐसे में सभी एससीओ राष्ट्रों को एकजुट होकर लडऩा होगा। एससीओ ने दुनिया की 40त्न आबादी को एकजुट किया है।
चेतावनी के बावजूद नहीं मान रहा पाक: अमरीका
पाकिस्तान आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों को धन की उगाही करने और आतंकियों की भर्ती रोकने में पूरी तरह नाकाम रहा है। अमरीकी विदेश विभाग द्वारा शुक्रवार को संसद के प्रस्ताव पर पेश वार्षिक रिपोर्ट में बताया है कि चेतावनी के बाद भी 2018 में भी पाक अपनी सरजमीं से आतंकी गतिविधियों का संचालन करता रहा। रिपोर्ट में ये भी कहा है कि पाक सरकार ने अफगान सरकार और तालिबान में राजनीतिक सुलह को समर्थन देने की बात कही लेकिन पाकिस्तान में चल रहे आतंकी समूहों और हक्कानी नेटवर्क को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। रिपोर्ट में ये भी स्पष्ट कहा है कि पाक अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों को खुले तौर पर काम करने से रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
Published on:
03 Nov 2019 01:44 am
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