
जान बचाकर भाग रहे फिलिस्तीनी: फोटो पत्रिका
यरूशलम. इजरायल और हमास के बीच संघर्ष खतरनाक मोड़ लेता नजर आ रहा है। तीन तरफ से गाजा की घेराबंदी कर चुका इजरायल अब जमीनी हमले तेज करने की तैयारी कर रहा है। शुक्रवार को युद्ध के सातवें दिन इजरायल ने उत्तरी गाजा सिटी में रहने वाले 11 लाख से ज्यादा लोगों को 24 घंटे के भीतर घर छोडकऱ दक्षिणी क्षेत्रों में जाने की चेतावनी दी है। इसके बाद गाजा में अफरा-तफरी मची है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक हजारों फिलीस्तनी सामान बांधकर दक्षिण गाजा की ओर भाग रहे हैं। हजारों लोग पैदल और अपने वाहनों से जा रहे हैं। हालांकि हमास ने लोगों से घर नहीं छोडऩे की अपील की है। इस बीच गाजा में हमास के ठिकानों पर इजरायली सेना के हमले जारी हैं। सेना ने अब तक 1500 से ज्यादा हमास आतंकियों को मार गिराने का दावा किया है।
यहां फलस्तीनी शरणार्थी एजेंसी की अधिकारी इनास हमदान ने कहा है कि पूरी तरह अराजकता का माहौल है, किसी को नहीं पता, क्या करना है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों को उत्तरी गाजा से राफा के दक्षिण में जाने को कहा है। उधर खाना-पानी, बिजली और दवाओं की कमी से गाजा में अफरा तफरी का माहौल है। जरूरी सामानों के लिए दुकानों पर लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
संघर्ष के सातवें दिन इजराइल की सेना ने गाजा की सूफा सैन्य चौकी के निकट बंधक बनाए गए 250 नागरिकों को सुरक्षित छुड़ा लिया। इस ऑपरेशन में इजराइली डिफेंस फोर्स (आइडीएफ) के जवानों ने हमास के 60 आतंकियों को भी मार गिराया, जबकि 26 को जिंदा पकड़ लिया। आइडीएफ ने एक्स पर ऑपरेशन का लाइव वीडियो भी शेयर किया है। इस बीच हमास की सशस्त्र शाखा ने शुक्रवार को कहा कि 24 घंटे में इजरायली हमलों से उत्तरी गाजा में 13 इजरायली और विदेशी बंधकों की मौत हो गई।
अब तक कानों में सायरन की आवाज गूंज रही है
ऑपरेशन ‘अजय’ के तहत इजरायल से निकाले गए 212 भारतीय नागरिक शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे। सुरक्षित वापसी पर इन्होंने भारत सरकार का शुक्रिया अदा किया। साथ ही अपने न भूलने वाले अनुभव भी साझा किए। दक्षिण इजरायल में रहने वाली एक महिला ने बताया, हमास के हमले वाले दिन रात को हम सो रहे थे, तभी सायरन बजा। हम शेल्टर में चले गए और वहां दो घंटे रहे। दो वर्ष में हमने पहली बार ऐसे हालात देखे हैं।
स्वाति पटेल बताती है, वहां जब भी सायरन की आवाज सुनतीं, कलेजा बैठने लगता। सायरन बजते ही वहां डेढ़ मिनट के अंदर शेल्टर में जाना होता था। 10 माह से इजरायल के तेल अवीव में एयरपोर्ट मैनेजर के रूप में कार्यरत सीमा बदलसारा ने बताया, एक सप्ताह से वहां तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। छात्रा प्रियंका कहती है, इजरायल के लोग बहुत साहसी और हमदर्द हैं। वह सच में आपकी परवाह करते हैं। मेरे दोस्त सिक्योरिटी प्रोटोकॉल जानते थे, उन्होंने ही मदद की। छात्रा प्रतिभा कहती हैं, युद्ध क्षेत्र में होने के अनुभव शब्दों में बयां नहीं कर सकते। अब भी मेरे कानों में सायरन की आवाज बज रही है। मनोज कुमार ने बताया, इजरायल में युद्ध शुरू होने के बाद हमारे पास भारत से परिवार और मित्रों के फोन आने लगे, सभी को हमारी चिंता थी। हमारी सुरक्षित वापसी के भारत सरकार का शुक्रिया अदा करता हूं।
Updated on:
05 Jul 2025 10:23 am
Published on:
14 Oct 2023 12:01 am

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