
Raj Panchak
जयपुर. 28 सितंबर 2020 को पंचक लग चुके हैं. ज्योतिष ग्रंथों के मुताबिक धनिष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण और शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद तथा रेवती नक्षत्र के चारों चरणों में चन्द्रमा का संचार काल पंचक काल कहलाता है। अर्थात कुम्भ और मीन राशि में चंद्रमा का भ्रमण से पंचक लगता है। शास्त्रों में पंचक में शुभ कार्य करना प्रतिबंधित किया गया है पर इस बार का पंचक कुछ कामों के लिए बेहद शुभ है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि 28 सितंबर को पंचक धनिष्ठा नक्षत्र में लगा है। इस दिन सोमवार था। सोमवार को लगनेवाले पंचक को राज पंचक कहा जाता है। इसी तरह रविवार को पड़नेवाला पंचक रोग पंचक, मंगलवार को लगनेवाला अग्नि पंचक, शुक्रवार को लगनेवाला चोर पंचक और शनिवार को लगनेवाला पंचक मृत्यु पंचक कहलाता है।
सोमवार से प्रारंभ होने वाला राज पंचक शुभ माना जाता है. ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार मान्यता है कि राज पंचक के पांच दिनों में कुछ कार्यों में पूर्ण सफलता मिलती है। इस दौरान संपत्ति से जुड़े काम करना शुभ होता है। राज पंचक में विशेष रूप से सरकारी कार्यों में सफलता के योग बनते हैं। हालांकि धनिष्ठा नक्षत्र में पड़ने वाले पंचक में आग का भय बना रहता है।
Published on:
29 Sept 2020 04:26 pm

बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
