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शिकार के लिए बार-बार जयपुर के रिहायशी इलाकों में पहुंच रही ‘पूजा लेपर्ड’, देर रात OTS में आई नजर तो दहशत में आए लोग

Jaipur News: वन अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिलते ही झालाना जंगल से करीब पंद्रह मिनट में रेस्क्यू टीम ओटीएस पहुंच गई थी लेकिन बारिश और घनी घास के कारण पगमार्क भी स्पष्ट नहीं दिखाई दिए।

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प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका

Pooja Leopard In Residential Area: ओटीएस परिसर में बुधवार रात करीब सवा आठ बजे एक मादा लेपर्ड घूमती नजर आई। सुरक्षा गार्ड और स्टाफ ने जैसे ही उसे देखा तो हड़कंप मच गया।

शोरगुल होते ही मादा लेपर्ड दीवार फांदकर कर्पूर चंद्र कुलिश स्मृति वन की ओर भाग गई। स्टाफ की सूचना पर पहुंची वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने पड़ताल की, लेकिन न तो पगमार्क मिले, न ही लेपर्ड को देख पाए।

वन अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिलते ही झालाना जंगल से करीब पंद्रह मिनट में रेस्क्यू टीम ओटीएस पहुंच गई थी लेकिन बारिश और घनी घास के कारण पगमार्क भी स्पष्ट नहीं दिखाई दिए। टीम ने परिसर में हर कोना तलाशा, लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लगा। ऐसे में गुरुवार सुबह पिंजरा और ट्रैप कैमरा लगाए जाएंगे। इस घटना से स्टाफ और रह रहे लोगों में डर का माहौल है।

हाल ही मादा लेपर्ड पूजा को दो शावकों के साथ एमएनआइटी परिसर में देखा था। विशेषज्ञों का मानना है कि इसे वह अपना इलाका मान चुकी है और अक्सर रिहायशी इलाकों की ओर शिकार के लिए निकलती है।

कई साल से मादा लेपर्ड पूजा का मूवमेंट

कर्पूर चंद्र कुलिश स्मृति वन में मादा लेपर्ड पूजा पिछले कई वर्षों से रह रही है। वह अक्सर शिकार की तलाश में ओटीएस, जेएलएन मार्ग और एमएनआइटी परिसर में मूवमेंट करती रही है। वन विभाग कई बार पिंजरा लगा चुका है लेकिन पूजा अब तक नहीं पकड़ी गई। गत वर्ष उसके एक शावक को पिंजरे में कैद किया था लेकिन वह खुद बचकर निकल गई थी।