जयपुर। सांसद किरोड़ी लाल मीणा का पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच व अन्य मांगों को लेकर धरना जारी है। मीणा गुरुवार को संसद की कार्यवाही के बाद जयपुर धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार किया।उन्होंने कहा कि खुद को गांधीवादी कहने वाले मुखिया को इस बात पर भी आपत्ति है कि मैं पेपर लीक के मामलों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर छात्रों के साथ धरने पर क्यों बैठा हूं। पेपर लीक माफिया को बचाने की जिद में मुख्यमंत्री प्रदर्शन करने के लोकतांत्रिक अधिकार को भी छीन लेना चाहते हैं।
मैंने बोर्ड अध्यक्ष डीपी जारौली के खिलाफ पुख्ता सबूत दिए, लेकिन सरकार ने बर्खास्त कर छोड़ दिया। एसओजी के अधिकारी मोहन पोसवाल के खिलाफ सबूत दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। पेपर लीक माफिया से सरकार की साठगांठ है। मुख्यमंत्री कार्रवाई की बजाय क्लीन चिट बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पेपर लीक की तह तक जाने के लिए सीबीआई जांच ही एकमात्र विकल्प है, क्योंकि सरकार के मंत्री, विधायक और अधिकारी इसमें लिप्त है। इन्हें जानबूझकर पकड़ा नहीं जा रहा, क्योंकि ऐसा हुआ तो सरकार की पोल खुल जाएगी। इस रवैये से आक्रोशित युवा हिसाब चुकता करने के लिए तैयार बैठे हैं।