
दिव्यांग समाज का हिस्सा, अपनत्व की भावना से बढ़ाए हाथ- भागवत
जयपुर. जीवन के हर क्षेत्र में समाज और शासन एक साथ नहीं होते लेकिन अभी है । ऐसे में दिव्यांगों का पूरा सहयोग करो। समाज से लेकर शासन और प्रशासन गंभीरता से ले रहे है। दिव्यांग हमेशा समाज का हिस्सा रहे है। साथ ही उन्होंने अपनत्व की भावना के काम करने की दी सलाह। ये बात सरसंचालक मोहन भागवत ने जामडोली स्थित राष्ट्रीय अधिवेशन में कही। इसमें द्विव्यांगो लिए समावेशित भारत एवं सुगम्य भारत पर चिंतन हुआ। इसमें देशभर से लगभग आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
चार साल में जिंंदा हुआ विभाग
केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा दिव्यांग जन मानव संसाधन का महत्वपूर्ण अंग है। इनको साथ लेकर ही देश, प्रदेश और समाज का विकास संभव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते चार सालों में इस विभाग को जिंदा किया है। विश्व स्तर पर हमारे अभियानों को पहचान मिली है। 7300 कैम्प लगाकर बड़ी संख्या में दिव्यांगो को लाभ दिया गया। हर संभव मदद के लिए सरकार पूरजोर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि यूनिक आईडीई देने का काम भी केंद्र सरकार की ओर से किया जा रहा है। इसमें राजस्थान का पहला स्थान है। ये गौरव की बात है।
पहली बार हुई गणना
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ.अरूण चतुर्वेदी ने देशभर से आए प्रतिभागियों का स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि राजस्थान देश का पहला राज्य हंै जहां दिव्यांगों की गिनती की गई है। यहां 10 लाख दिव्यांग के पंजीयन हुए है।
ये उपस्थित हुए
कार्यक्रम के दौरान पैरा ओलंपिक में राजस्थान के प्रतिनिधित्व की तारीफ की। वहीं अतिथियों ने सक्षम की एक पुस्तक का विमोचन भी किया। जिसमें दस वर्षों में किए गए कार्य एवं झलकियां थीं। कार्यक्रम में बतौर अतिथि सरसंचालक डॉ. मोहन भागवत केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत, सक्षम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दयाल सिंह पंवार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ.अरूण चतुर्वेदी, सांसद रामचरण बोहरा उपस्थित हुए।
Published on:
30 Sep 2018, 12:21 PM IST
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