
प्रतिभागियों ने मांडना की पारंपरिक लोक कला सीखी
जयपुर, २ जुलाई
मांडना कलाकार डॉ. शकुंतला महावर ने शुक्रवार को मेकिंग ए मांडला ऑनलाइन सेशन में मांडना की पारंपरिक लोक कला सिखाई। जवाहर कला केंद्र की ओर से आयोजित इस सेशन में उन्होंने दर्शकों को कला के रूप, उपयोग में होने वाली सामग्री, विभिन्न डिजाइनों और शैलियों के साथ मांडना के इतिहास और भारतीय संस्कृति में इसके महत्व का परिचय दिया गया। सेशन की शुरुआत में कलाकार ने मंडाना का संक्षिप्त इतिहास बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी शुभ अवसर पर दीवारों और फर्श पर मांडना बनाया जाता है। घर की महिलाएं हमेशा मांडना बनाया करती हैं क्योंकि खाली फर्श को अशुभ माना जाता है। जब परिवार में किसी की मृत्यु हो जाती है तो सभी दीवारें और फर्श मंडाना से विहीन हो जाते हैं। फ्लोर.मांडना आमतौर पर चौकोर, वृत्त और त्रिकोण जैसी ज्योमेट्रिक आकृतियों से बनाया जाता है।
महावर ने लाल रंग का उपयोग करते हुए मांडना की चौकोर, वृत्त या त्रिकोण बुनियादी स्ट्रक्चर का प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने सफेद रंगों से अलग-अलग स्टाइल दिखाए। उसने विकर्ण रेखाओं, बिंदुओं और वृत्तों का उपयोग किया। अंतिम चरण के रूप में उन्होंने जोले, कंगूर और गाथी का उपयोग करके मांडना में श्रृंगार जोड़ा। शनिवार को महावर के मेकिंग ए मांडना ऑनलाइन सेशन का समापन होगा। सेशन में वह लाल और काले मिट्टी के आधार से तैयार प्लाईवुड का उपयोग करके मांडना के विभिन्न डिजाइन तैयार करना सिखाएंगीं।
Published on:
02 Jul 2021 06:55 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
