
जयपुर। जवाहर कला केंद्र के शिल्पग्राम में चल रहे पत्रिका बुक फेयर के पांचवें दिन बुधवार को भी पुस्तक प्रेमियों की भीड़ उमड़ी। विभिन्न स्टॉल्स पर कई लोग अपनी पसंद की किताबों में इतने खोए नजर आए कि, समय का पता ही नहीं चला। सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं लगातार फेयर में पहुंच रहे हैं। साथ ही पुस्तक प्रेमी यहां मौजूद फूड कोर्ट में भी विभिन्न जायकों का आनंद ले रहे हैं।
पढ़ाई के साथ मुझे शायरी में भी रुचि है। यहां आकर देखा तो पता चला कि फेयर में पुराने और नए दौर के शायरों और कवियों की किताबें उपलब्ध हैं। जैसे ही अपने पसंदीदा शायर की किताब पढ़नी शुरू की, समय का पता ही नहीं चला।
- अनुभव शर्मा, स्टूडेंट
मुझे अच्छी बात यह लगी कि इस फेयर में महिलाओं से संबंधित साहित्य की भी अच्छी भागीदारी है। विभिन्न स्टॉल्स पर महिला लेखकों की किताबें बड़ी मौजूद हैं, इसलिए यहां बड़ी संख्या में महिलाएं भी आई हुई हैं। यहां होने वाले सत्र ज्ञानवर्धक हैं और विभिन्न शख्सियतों से मिलने का मौका भी दे रहे हैं।
- कृष्णा गुप्ता
दशकों से राजस्थान पत्रिका का पाठक हूं। पत्रिका के इस बुक फेयर में आकर बहुत अच्छा लगा। अध्यात्म से जुड़े मुद्दों पर ढेर सारे लेखकों की किताबें यहां मौजूद हैं। किताबें इतनी दिलचस्प मिलीं कि मौके पर ही पढ़ने का दिल करने लगा।
- बाबूलाल सैनी, बुजुर्ग
बचपन से किताबें पढ़ने का शौक है, इसलिए विभिन्न लेखकों की चर्चित पुस्तकों समेत इंजीनियरिंग से संबंधित पुस्तकें खरीदीं। साथ ही फूड कोर्ट का भी आनंद लिया।
- अमनप्रीत सिंह, सॉफ्टवेयर इंजीनियर
किताबों की दुनिया मुझे यहां खींच लाई। हर स्टॉल पर रखी किताबों को मौके पर ही पढ़ने का मन कर रहा है। सबसे अच्छी बात यह है कि यहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए सभी तरह की पुस्तकें उपलब्ध हैं।
- सुनील शर्मा, पुस्तक प्रेमी
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Published on:
20 Feb 2025 07:59 am
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