
पत्रिका की अगुवाई में लाइव डेमो देकर समझाया, कैसे बचाएं सड़क हादसों के घायलों की जान
जयपुर. सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत पत्रिका की अगुवाई में पीपुल्स ट्रस्ट और परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को पत्रिका गेट पर बेसिक लाइफ सपोर्ट का लाइव डेमो दिया गया। इस दौरान सड़क दुर्घटना का एक सीन क्रिएट कर बताया गया कि हादसे के बाद किस तरह घायलों की मदद की जानी चाहिए।
इस दौरान सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ के नोडल ऑफिसर डॉ. एलएन पांड ने गुड सेमेरिटन योजना के बारे में विस्तार से बतााया उन्होंने बताया कि परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की ओर से सड़क दुर्घटना में अनजान घायल व्यक्ति की मदद कर उसे समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को मुख्यमंत्री चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना के अंतर्गत 5000 रुपए और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाता है। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से सवाई मान सिंह हॉस्पिटल में स्किल लैब का निर्माण किया गया है, जहां आम लोगों को मास्टर ट्रेनर बेसिक लाइफ सपोर्ट, सीपीआर का निःशुल्क सर्टिफिकेट प्रशिक्षण देते हैं।
राष्ट्रपति के हाथों नेशनल अवार्ड प्राप्त कर चुके नर्सिंग ऑफिसर राजकुमार राजपाल ने बेसिक लाइफ सपोर्ट के बारे में बताया कि किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर घायल व्यक्ति की किस तरहमदद की जानी चाहिए। उन्होंने लाइव डेमो देकर बताया कि एम्बुलेंस के आने तक किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।
नर्सिंग ऑफिसर राधेलाल शर्मा ने घायल को उठाने से लेकर एंबुलेंस में शिफ्ट करने संबंधी बारीकियों और मुंह से श्रवांस देने की प्रकिया को विस्तार से समझाया। पीपुल्स ट्रस्ट की मेनेजिंग ट्रस्टी प्रेरणा सिंह ने यातायात नियमों की जानकारी दी। इस दौरान एडिश्नल एसपी उज्जवल शर्मा, ट्रस्ट के सचिव राज नारायण सिंह और बंगाली समाज के शुभेन्द्रु घोष भी मौजूद रहे।
इन्होंने निभाई लाइव डेमों में भूमिका
लाइव डेमों में वीरेन्द्र सिंह गुर्जर, मुरलीधर पारवानी, जयपुरिया अस्पताल के डॉ. सुरेन्द्र शर्मा, सामाजिक युवा संगठन सस्थान के जितेन्द्र खोलिया, दिनेश सैनी, सुमन शर्मा, मीनू शर्मा, रंगकर्मी एन.के. अरोड़ा, एंबुलेंसकर्मी रामजस चौधरी और कमलेश कुमार दाधीच, राम मोहन गुर्जर समेत अन्य ने लाइव डेमों में भूमिका अदा की।
सड़क दुर्घटना होने के बाद इन बातों का रखें ध्यान
नर्सिंग ऑफिसर राजकुमार राजपाल ने बताया कि जब भी कोई रोड एक्सीडेंट नजर आए तो बेसिक लाइफ सपोर्ट के तहत सबसे पहले ये देखें कि दुर्घटना स्थल घायलों के लिए सुरक्षित है या नही, यानि कि सबसे पहला काम ये है कि घायलों को साइड में पहुंचाएं, जहां वह आवगमन करने वाले वाहनों से सुरक्षित रहें। इस के तुरंत बाद एम्बुलेंस 108 पर कॉल करें और उन्हें घायलों की संख्या और लोकेशन बताएं।
अब ये देखें कि घायलों में सबसे गंभीर स्थिति किस व्यक्ति की है। यदि कोई बेहोश नजर आए तो उसके पास जाकर थपथपाते हुए पूछें कि क्या वह ठीक है। यदि रेस्पांस रेस्पांस न दे तो 10 सेकेंड के लिए उसके गले पर उंगली रखकर कैरोटिड पल्स और श्वास गति को चेक करें, यदि ये चल रही है तो ठीक है। यदि नहीं नही चल रही तो उसे सीपीआर (कार्डियो पलमोनरी रेसेसिटेशन) दिया जाएगा।
Published on:
15 Jan 2023 08:46 pm

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