
जयपुर . अक्सर हम इन्विटेशन कार्ड्स को तारीखें देखने के बाद इधर-उधर रख देते हैं। फंक्शन हो जाने के बाद इनकी कोई वैल्यू नहीं होती हैं। कभी-कभी दीवाली या घर की साफ सफाई में अचानक से ये कार्ड्स हमे नजर आ जाते होंगे। लेकिन आज कल सीड पेपर कार्ड बहुत ट्रेंड में हैं। इन दिनों इन्विटेशन कार्ड्स में सीड पेपर का चलन बढ़ रहा है। ये कार्ड्स सीड पेपर से बनाए जा रहे हैं, जिन्हें मिट्टी में डालने पर एक प्लांट ग्रो हो सकता है। यूथ इन कार्ड्स को काफी पसंद कर रहा है और अपनी वेडिंग, बर्थडेज और स्पेशल ऑकेजन को मीनिंगफुल बनाने की कोशिश कर रहा है। जयपुर में भी इस तरह के कार्ड्स की डिमांड काफी बढ़ रही है।
कॉस्ट इफेक्टिव और मीनिंगफुल गिफ्ट
शहर के एंटरप्रेन्योर और २१ फूल्स स्टार्टअप के फाउंडर दिव्यांशु असोपाने बताया कि वेडिंग को लेकर एक्साइटमेंट नए एक्सपेरिमेंट करने की फ्रीडम देता है। एेसे में युवा वेडिंग को मीनिंगफुल बनाना चाहते हैं। इस तरह के वेडिंग कार्ड्स को लेकर काफी अच्छा रिस्पॉन्स देखने को मिल रहा है। जिन्हें वे अपने फ्रैंड्स और फैमिली मेंबर्स के बीच पहुंचाना चाहते हैं। हालांकि इसकी डिजाइनिंग में फोटोप्रिंट काफी चुनौतीपूर्ण काम है, लेकिन अब इसमें भी एक्सपेरिमेंट होने लगे हैं। इन्विटेशन काड्र्स के अलावा वेडिंग स्टेशनरी, पोस्टर्स, डाइनिंग हॉल में नेम काड्र्स के तौर पर इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। खास बात यह है कि ये काफी कॉस्ट इफेक्टिव भी हैं। दिव्यांशु का कहना है कि इसकी एक वजह यह भी है कि अब कम वेस्टेज को लेकर काफी अवेयरनैस बढ़ रही है। लोगों को यादें जोडऩे का काम कर सकें, इसके लिए इससे बेहतरीन आइडिया नहीं हो सकता। लोग इससे उगने वाले प्लांट्स के फोटोज को सोशल मीडिया पर भी शेयर कर रहे हैं।
यह होता है प्रॉसेस
वेडिंग कार्ड में सीड्स काड्र्स के अंदर भरी रहती है। सीड एक पौधे से दूसरे बनने की प्रक्रिया में प्राप्त होती है। वहीं पेपर को कॉटन से बनाया जाता है। कॉटन फैक्ट्रीज से निकले वेस्ट से ली जाती है। इसके बाद पानी और गोंद से पेपर तैयार किया जाता है। जब कार्ड को मिट्टी में डाला जाता है तो ऊपर से हल्की मिट्टी या कोकोपिट डाल दिया जाता है। इसके बाद प्लांट ग्रो करने लगता है और हमें कई पौधे मिल जाते हैं।
प्लांट्स से जुड़ जाती हैं यादें
एंटरप्रेन्योर मोहम्मद शरीफ का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में सीड पेपर को लेकर काफी डिमांड बढ़ रही है। बीस प्रतिशत से भी ज्यादा लोग वेडिंग कार्ड के लिए अब इस तरह के पेपर की डिमांड कर रहे हैं। इन पेपर्स पर लोग एन्वायर्नमेंट को बचाने और प्लांट्स को ग्रो करने जैसे मैसेजेज भी लिखवा रहे हैं। एंटरप्रेन्योर अमित भंडारी का कहना है कि इस तरह के एक्सपेरिमेंट लोगों को खासे पसंद आ रहे हैं। इस तरह से उगने वाले प्लांट्स से यादों का एक अनोखा रिश्ता बन जाता है, जिसे लोग सहेज कर रखना चाहते हैं।

Published on:
01 May 2018 12:42 pm

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