
सावन में मल्हार राग सुनकर मंत्रमुग्ध हुए लोग
सावन में मल्हार राग सुनकर मंत्रमुग्ध हुए लोग
राग मल्हार उत्सव का आगाज
गिरीन्द्र तलेगांवकर ने दी शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति
आज होगा वायलिन वादन
जयपुर। जवाहर कला केंद्र में शनिवार को राग मल्हार उत्सव का आगाज हुआ। जयपुर के गिरीन्द्र तलेगांवकर ने शास्त्रीय गायन से लोगों के दिलों में जगह बनाई। सावन के मौसम में मल्हार रागों के गूंजने से शाम और भी सुहावनी हो गई।
मियांं मल्हार से वर्षा का स्वागत
तबले पर दिनेश खींची, हारमोनियम पर रोहित कटारिया, वायलिन पर तनीष खंडवाल व तानपुरे पर शिखा माथुर और दीपेन्द्र नाथ की जुगलबंदी ने प्रस्तुति को खास बना दिया। गिरीन्द्र ने तानसेन रचित राग मियांं मल्हार में लयबद्ध चार रचनाओं के गायन के साथ वर्षा का स्वागत किया। इसमें विलम्बित रचना एकताल में, मध्यलय रचना तीनताल और तीनताल में निबद्ध एक विशेष रचना शामिल रही। साथ ही एकताल में तराना भी पेश किया गया।
विशेष रचनाओं की प्रस्तुति
इसके बाद राग सुर मल्हार में मध्यलय तीनताल और गौड़ मल्हार में मध्यलय की दो रचनाओं के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ा। संगीताचार्य पंडित रघुनाथ तलेगांवकर रचित आठ मल्हारों पर आधारित रागमाला के गायन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। मल्हार राग प्रकृति प्रेम व वर्षा ऋतु की ***** ह, इसे सुनकर लोगों ने प्रकृति से जुड़ाव महसूस किया। खास बात यह रही कि जयंत मल्हार, कामोद मल्हार व देस मल्हार जैसी राग जिनका वर्णन केवल किताबों में मिलता है, श्रोताओं ने उनका भी आनंद लिया।
आज वायलिन पर छिड़ेगी धुन
राग मल्हार उत्सव के दूसरे दिन रविवार को कैलाश योगेश मोठिया वायलिन वादन की प्रस्तुति देंगे। शाम ७.३० बजे रंगायन सभागार में कार्यक्रम का आयोजन होगा। इस दौरान राग मेघ में आलाप, जोड़ और झाला, मसितखानी गत, रज़ाखानी गत व पंडित विश्वमोहन भट्ट रचित धुन द मिटिंग बाई रिवर,राग देश पर आधारित वंदे मातरम और राग भैरवी सुनने का अवसर मिलेगा।
Published on:
23 Jul 2022 08:48 pm
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