
कार्मिक विभाग ने देवड़ा के खिलाफ पहले भी नहीं दी थी अभियोजन स्वीकृति
जयपुर. खान विभाग में अधीक्षण अभियंता दीवान सिंह देवड़ा के खिलाफ वर्ष 2011 में भी एसीबी ने कार्मिक विभाग से अभियोजन स्वीकृति मांगी थी। लेकिन कार्मिक विभाग ने विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा कर देवड़ा के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति नहीं दी थी। एसीबी सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2011 में दीवान सिंह देवड़ा के खिलाफ 510/11 मामला दर्ज हुआ था, तब देवड़ा पर रेवदर के जीरावल में ग्रेनाइट की खानों का गलत तरीके से आवंटन करने का आरोप था। एसीबी की जांच में आरोप सही पाए गए। चालान पेश करने के लिए अभियोजन स्वीकृति मांगी गई, लेकिन स्वीकृति नहीं मिलने पर चालान पेश नहीं किया गया। इसी प्रकार आरोपी देवड़ा के खिलाफ एसीबी राजसमंद और जोधपुर एसीबी में पद के दुरुपयोग के मामलों की जांच लंबित है। एसीबी ने आरोपी देवड़ा के खिलाफ खान विभाग में लंबित 16 सीसीए और 17 सीसीए की जानकारी मांगी है। उधर, एसीबी को दवेड़ा के घर पर 2 लाख रुपए भी मिले हैं। एसीबी ने ट्रेप के जिस मामले में आरोपी देवड़ा को गिरफ्तार किया था। उसी मामले में देवड़ा द्वारा जब्त किए गए 4 ट्रकों से संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए हैं। उधर, कार्मिक विभाग के अनुसार देवड़ा को इससे पहले 16 सीसीए में आरोप पत्र जारी किए जा चुके हैं।
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आरोपी देवड़ा के खिलाफ खान विभाग और अन्य शिकायतों की जानकारी जुटाई जा रही है। जिस मामले में गिरफ्तार किया गया है। उस मामले के दस्तावेज भी बरामद किए हैं। एसीबी में भी पहले से मामले दर्ज हैं।
-पृथ्वीराज मीणा, अनुसंधान अधिकारी (एएसपी), एसीबी
Published on:
06 Nov 2019 12:46 am
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