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सार्वजनिक शौचालय से खतरे में पेट्रोल पम्प…जानें कैसे

पेट्रोल पम्प पर बने शौचालय का सार्वजनिक उपयोग करने के राज्य सरकार के निर्देश पर राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है।

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राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन सार्वजनिक शौचालय के रूप में उपयोग करने की स्थिति में किसी भी व्यक्ति द्वारा बीड़ी—सिगरेट व अन्य ज्वलनशील पदार्थ डालने की आशंका और इससे पेट्रोल पम्प पर बड़ा नुकसान होने की स्थिति का तर्क दिया है। ऐसे हालात में स्वायत्त शासन विभाग ने शहरी विकास मंत्रालय के स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के संयुक्त सचिव से मार्गदर्शन मांगा है। विभाग के निदेशक पवन अरोड़ा के मुताबिक स्वच्छता सर्वेक्षण में पेट्रोल पम्प पर बने शौचालय का भी सार्वजनिक उपयोग करने के अंक निर्धारित हैं। ऐसे में अब किस तरह उपयोग किया जा सकता है। यह पत्र देश में स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होने के 12 दिन बाद लिखा गया है। जयपुर शहर में भी 20 जनवरी के बाद केन्द्र सरकार की टीम आ जाएगी।

कहीं नहीं नजर आए
जयपुर शहर के कुछ पेट्रोल पंपों पर इस सुविधा को लेकर स्कैन किया गया तो ज्यादातर पंपों पर तो टायलेट्स नजर नहीं आए। ना ही ऐसा कोई बोर्ड लगे मिले, जिससे ग्राहकों को पता चल सके कि यह सुविधा पंप पर दी जा रही है और टायलेट्स किस तरफ हैं। टायलेट्स ऐसे स्थानों पर थे, जो केवल पंपकर्मियों के इस्तेमाल के काम में आ रहे हैं।

निगम ने इसलिए निकाली अधिसूचना
स्वच्छता मुहिम के तहत पंपों पर टॉयलेट्स जैसी मूल सुविधा देने के लिए नगर निगम को अधिसूचना जारी करना पड़ी। निगम सीमा में बने सभी पेट्रोल पंपों पर महिला और पुरुषों के लिए अलग शौचालयों का होना अनिवार्य हो गया है। पानी की व्यवस्था भी होना चाहिए। जानकारी देने के लिए साइन बोर्ड लगा होना चाहिए, जिसमें तीर के निशान से दर्शाया जा रहा है कि शौचालय कहां है।

लोगों में जागरूकता नहीं
पेट्रोल पंप पर पहुंचने वाले अधिकांश लोगों में शौचालय संबंधी जागरूकता नहीं होती साथ ही पंप संचालकों ने भी सूचना के बोर्ड नहीं लगाये हैं। इस कारण पेट्रोल पंप के शौचालयों का लोग उपयोग नहीं करते।

शिकायत पर होगी कार्रवाई
यदि किसी व्यक्ति को पेट्रोल पंप संचालक शौचालय का उपयोग करने से रोकता है तो उसकी शिकायत कंट्रोल रूम के नम्बर पर की जा सकती है। नगर निगम द्वारा तुरंत संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जावेगी।