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डीजल-पेट्रोल पर महंगाई की बारिश—पेट्रोल के बाद डीजल 100 रुपए पार

डीजल 100.10 रुपए और पेट्रोल 109.40 रुपए प्रतिलीटर के उच्चतम स्तर परएक दिन में ही डीजल पर 65 पैसे की अब तक की सबसे बडी बढोतरीडीजल—पेट्रोल की बढी हुई दरें जारी की राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन नेबढी हुई दरें रविवार सुबह 6 बजे से लागूं होगी

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जयपुर . एक तरफ प्रदेश में विदा होता मानसून बरस रहा है वहीं पेट्रोलियम कंपनियां डीजल-पेट्रोल पर महंगाई की बरसात कर रही हैं। कीमतें बढ़ा-बढ़ा कर कंपनियों ने राजस्थान में डीजल-पेट्रोल की कीमतों को अब तक के उच्च स्तर पर पहुंचा दिया है। शनिवार को तेल कंपनियों ने डीजल—पेट्रोल पर महंगाई की दो बार बारिश की। डीजल पर सुबह 32 पैसे की बढोतरी हुई और 100 रुपए लीटर के दामों पर पहुंचने के लिए 18 पैसे का ही अंतर रह गया। लेकिन कंपनियों ने इस अंतर को पार करने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं कराया। शनिवार रात में ही दूसरी बार 33 पैसे की एक और अतिरिक्त बढोतरी की और डीजल के दाम पेट्रोल की तरह आखिर 100 रुपए प्रति लीटर के पार करा दिए। एक ही दिन में कीमतों में दो बार बढोतरी के बाद अब राजधानी जयपुर में डीजल 100.10 रुपए प्रति लीटर में मिलेगा। वहीं पेट्रोल के दामों में 26 पैसे की बढोतरी हुई। जिससे अब पेट्रोल 109.40 रुपए में प्रतिलीटर मिलेगा।
इससे पहले बीते 25 मई को तेल कंपनियों ने पेट्रोल को 100 रुपए पार पहुंचा दिया। तेल कंपनियों ने अगस्त में डीजल के दामों को 100 रुपए प्रति लीटर के पार जाने से रोकने के लिए चार बार दाम कम किए। लेकिन अब बीते सात दिन में आठ बार दाम बढा कर डीजल को शतक पार करा दिया है। डीजल पेट्रोल की बढी हुई दरें रविवार सुबह से लागू होंगी।

राजस्थान में डीजल पर 26 और पेट्रोल पर 36 प्रतिशत वैट है। इसके अलावा 1.5 प्रतिशत रोड सेस भी लग रहा है। वैट कम होने से पड़ोसी राज्यों में डीजल-पेट्रोल राजस्थान के मुकाबले सस्ता है। इस स्थिति में पंजाब और हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लगते राजस्थान के 10 से ज्यादा जिलों में धड़ल्ले से डीजल और पेट्रोल तस्करी होकर आ रहा है। यही कारण है कि यहां वैट ज्यादा होने के कारण भी सरकार को उतना राजस्व नहीं मिल रहा है जितना मिलना चाहिए। पेट्रोलियम डीलर्स का कहना है कि अन्य राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा दूरी व भाड़े के हिसाब से हो रहा है। लेकिन राजस्थान में भारी-भरकम वैट के कारण कीमतें आसमान को छू रही हैं। अगर राजस्थान में वैट कम हो तो डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से थोड़ी राहत मिल सकती है