
जयपुर.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सांगानेर में डिग्गी रोड से लेकर टोंक रोड़ तक की 300 से ज्यादा कॉलोनियों की सवा लाख की आबादी को बीसलपुर सिस्टम से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 115 करोड़ की परियोजना की घोषणा की थी। इस परियोजना को बीसलपुर प्रोजेक्ट के इंजीनियरों ने चार दिन पहले धरातल पर उतार दिया है। परियोजना का काम हाथ में लेने वाली फर्म ने डिग्गी रोड से लेकर टोंक रोड के बीच अलग अलग जगह 9 उच्च जलाशय के निर्माण के लिए जमीन की टेस्टिंग का काम शुरू कर दिया है। प्राेजेक्ट से जुडे़ इंजीनियर दावा कर रहे हैं कि 18 महीने बाद परियोजना से लक्षित आबादी को बीसलपुर सिस्टम से पेयजल उपलब्ध होगा।
इन क्षेत्रों के बनेंगे 9 उच्च जलाशय
उपखंड अधिकारी कार्यालय सांगानेर
गोर्वधनपुरा
जोतड़ावाला
सायपुरा
कुमावतों की ढाणी
गोविंदपुरा
कोकावाससचिवालय नगर
चार ब्लॉक में बांटा है पूरे क्षेत्र को
प्रोजेक्ट इंजीनियरों ने काम को तेजी से करने के लिए इस पूरे क्षेत्र को एस-15 से लेकर एस-18 तक चार ब्लॉक में बांटा है। इन चार ब्लॉक में ग्रेटर नगर निगम के दस वार्ड सम्मलित हैं। काम तेजी से चले इसके लिए प्रोजेक्ट के चार इंजीनियरों को निगरानी के लिए तैनात किया है। ये इंजीनियर प्रतिदिन कितना काम हुआ इसकी रिपोर्ट अतिरिक्त मुख्य अभियंता मनीष बेनीवाल को सौंपेंगे।इंजीनियरों के अनुसार अभी डिग्गी रोड से लेकर सीतापुरा तक की कॉलोनियों में टैंकरों के जरिए पेयजल सप्लाई के भरोसे हैं। कुछ कॉलोनियों में अन्य फीडरों से बीसलपुर का पानी पहुंचाया जा रहा है लेकिन कम दबाव की समस्या बनी हुई है। नया तंत्र बिछने के बाद पेयजल संबधी समस्याओं का समाधान होगा।
पहली बार 15 दिन में ही फर्म ने काम शुरू किया
जलदाय विभाग में फर्में काम तो लेती हैं लेकिन घाटा होने,सामग्री की कीमतें बढ़ने जैसे कारण गिना कर पेयजल परियोजनाओं पर महीनों तक काम शुरू करने में टालमटोल करती हैं। लेकिन सांगानेर की इस 115 करोड़ की पेयजल परियोजना को लेकर विभाग का अनुभव पहली बार सुखद रहा । कार्यादेश मिलने के महज 15 दिन में ही फर्म ने फील्ड में संसाधनों को उतार कर काम शुरू किया है।
Published on:
10 May 2022 11:40 pm
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