
water problem
जयपुर.
अलवर में जल जीवन मिशन (जेजेएम) पेयजल परियोजनाओं में इंजीनियरों और ठेका फर्मों की ओर से 2500 करोड़ के घटिया पाइप बिछा कर किए करोड़ों के भ्रष्टाचार की जांच पीएचईडी की विजिलेंस टीम नहीं करेगी। उधर, अलवर सांसद सांसद महंत बालकनाथ योगी ने पाइप बिछाने में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए केन्द्रीय उपभोक्ता मामले मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखा है। उन्होंने मंत्रालय के अधीन बीआइएस प्रयोगशालाओं से पेयजल परियोजनाओं में बिछाए जा रहे पाइप की गुणवत्ता जांचने की मांग की है।
ये तथ्य दिए सांसद ने
-जेजेएम में बिछाए जा रहे 70 प्रतिशत पाइप नीले ड्रम या कचरे की थैली के दानों से निर्मित हैं।
-कंपनियां जांच से बचने के लिए पाइप के एक-दो रोल वर्जिन पाइप साइट पर रखती हैं।
-एचडीपीई पाइप के बीच में मोटाई कम कर कर दी गई है, इसका फायदा सीधे निर्माता फर्म को।
150 कंपनियां जेजेएम परियोजना में पाइप की आपूर्ति कर रही हैं।
फिर भी हजारों करोड़ का भुगतान कैसे
अलवर सांसद ने पत्र में कहा कि जेजेएम की गाइडलाइन के अनुसार परियोजनाओं के काम की थर्ड पार्टी जांच जरूरी है। लेकिन राजस्थान में मिशन की किसी भी परियोजना की थर्ड पार्टी जांच नहीं हुई और फर्मों को हजारों करोड़ का भुगतान किया गया। सांसद ने कहा कि भुगतान किसके इशारे पर होता रहा है इसकी जांच होनी चाहिए।
कार्रवाई होगी
अलवर में जेजेएम में घटिया पाइप बिछाने मामले की जांच विजिलेंस टीम नहीं करेगी। जेजेएम सीई इस मामले की जांच अपने स्तर पर फील्ड इंजीनियरों से कराएं। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
आरके लुहाडिया, मुख्य अभियंता ( प्रशासन)
Published on:
10 Dec 2022 11:23 pm
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