5 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे कोटा को छोड़ सभी शहरों में योजना का क्रियान्वयन करेगा जलदाय विभाग जयपुर शहर में हेरिटेज और ग्रेटर नगर निगम में पेयजल तंत्र को मजबूत करने लिए 1266 करोड़ का बजट
जयपुर.
केन्द्र सरकार ने नए वर्ष में राज्य को खुशखबरी देते हुए प्रदेश के जयपुर समेत 178 शहरों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने वाली 5 हजार करोड़ की अमृत-2 परियोजना को मंजूरी दे दी है। कोटा में इस योजना का क्रियान्वयन यूआईटी और अन्य सभी जिलों में क्रियान्वयन जलदाय विभाग करेगा।
जयपुर शहर-हेरिटेज और ग्रेटर नगर निगम क्षेत्र में 1266 करोड़ से मजबूत होगा पेयजल तंत्र
अमृत-2 के तहत जयपुर शहर के हेरिटेज निगम के लिए 520 करोड़ और ग्रेटर निगम के लिए 520 करोड़ का बजट मिलेगा। पीएचईडी इंजीनियरों के अनुसार योजना शहरी क्षेत्रों में योजना का मुख्य उद्देश्य पेयजल उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा और पर्याप्त दबाव से पेयजल उपलब्ध कराना है।
दोनों निगमों में जर्जर पेयजल लाइन बदली जाएंगी-घरों में दूषित पानी आने से निजात मिलेगी
पानी के 150 लाख खराब मीटर बदलने का काम होगा-पूरा राजस्व अर्जन होगा
टंकियों का निर्माण- पेयजल उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा और पर्याप्त दबाव से पानी की आपूर्ति
पंप हाउस पर वर्षों पुराने पंप व अन्य मशीनरी को बदलना-आए दिन पंप खराब होने के झंझट से मुक्ति
विद्युत खर्च से निजात पाने के लिए पंप हाउस पर सोलर लगाना-सालाना करोड़ों रुपए के बिजली के बिल से मुक्ति
पानी सप्लाई की निगरानी के लिए स्काडा सिस्टम लगाना-पानी के बूंद-बूंद उपयोग की निगरानी
जोशी और धारीवाल की सहमति से क्रियान्व्यन का विवाद समाप्त
प्रदेश में अमृत-2 के क्रियान्वयन को लेकर स्वायत्त शासन विभाग और जलदाय विभाग के इंजीनियर आमने-सामने थे। जलदाय मंत्री महेश जोशी और नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने आपसी सहमति से विवाद को सुलझा लिया है। अब कोटा में योजना के क्रियान्व्यन का जिम्मा यूआईटी और अन्य शहरों में जलदाय विभाग के इंजीनियरों के पास रहेगा।