
Bisalpur Project ब्रह्मपुरी क्षेत्र में आएगा प्रेशर से पानी
जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट घोषणाओं का सबसे बुरा हाल जलदाय विभाग में हैं। स्थिति ऐसी है के जयपुर शहर के लिए पिछले बजट में की गई घोषणा 9 महीने बाद भी कागजों से बाहर नहीं निकली है। सीएम की बजट घोषणाओं पर कछुआ चाल से क्रियान्वयन को लेकर विभाग के आला अधिकारी और फील्ड इंजीनियर्स सवालों के घेरे में हैं कि जब जयपुर शहर में यह हाल है तो बाहर के जिलों में बजट घोषणाओं का क्या हाल होगा। सांगानेर में डिग्गी मालपुरा रोड से लेकर टोंक रोड तक की 50 से ज्यादा कॉलोनियों को बीसलपुर सिस्टम् से जोड़ने की 114 करोड की बजट घोषणा आज तक कागजों से बाहर ही नहीं निकली है। उधर इंजीनियर्स अपनी नाकामी छुपाने के लिए इस प्रोजेक्ट को राजनीतक रंग देने से भी यह कहते हुए पीछे नहीं हट रहे हैं कि सांगानेर से भाजपा विधायक होने के कारण आला अफसरों को इस प्रोजेक्ट की ज्यादा चिंता नहीं है।
पूरे सांगानेर में पानी माफिया सक्रिय
मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुसार सांगानेर के डिग्गी रोड से लेकर प्रताप नगर तक की 50 से ज्यादा कॉलोनियां अब भी बीसलपुर सिस्टम से पानी मिलने से अछूती हैं। यहां लोग या तो फलोराइड युक्त पानी पी रहे हैं या फिर मोटी रकम खर्च कर टैंकर मंगवा रहे हैं। जिससे लोगों पर हर महीने आर्थिक भार आ रहा है वह अलग है। इन हालातों में पूरे सांगानेर क्षेत्र में पीएचईडी इंजीनियर्स की सांठगांठ से पानी माफिया पनप गया है। टैंकर चालक मनमर्जी के दाम लोगों से एक एक टैंकर के लिए वसूल रहे हैं।खुल चुकी है कार्यशैली की पोल
विभाग के अधिकारियों के अनुसार सीएम की इस बजट घोषणा का क्रियान्वयन भी बीसलपुर प्रोजेक्ट के इंजीनियरों को दिया गया है। जबकि प्रोजेक्ट के इंजीनियरों की कार्यशैली की पोल आमेर, जामडोली, खो नागोरियान, जगतपुरा और पृथ्वीराज नगर पेयजल प्रोजेक्ट में खुल चुकी है। प्रोजेक्ट के इंजीनियरों से एक वर्ष की देरी से आमेर,जामडोली,खो नागोरियान और जगतपुरा के प्रोजेक्ट आशिंक रूप से पूरे किए। अभी 563 करोड के पृथ्वीराज नगर पेयजल प्रोजेक्ट का काम जिस कछुआ चाल से चल रहा है उससे अभी से यह तय हो गया है कि यह प्रोजेक्ट भी 2023 से पहले पूर होने की कोई संभावना नहीं है।राजनीति भी हावी
असल में सांगानेर में राजनीति भी हावी है। पीएचईडी इंजीनियर्स अभी तक इस योजना को धरातल पर नहीं ला सके हैं। । पीएचईडी इंजीनियर्स अभी तक 114 करोड के इस प्रोजेक्ट को 9 महीने में भी धरातल पर नहीं ला सके हैं। इंजीनियर्स अपनी नाकामी छुपाने के लिए कह रहे हैं कि सांगानेर से भाजपा का विधायक होने के कारण विभाग के आला अफसरों को इस प्रोजेक्ट के जल्दी क्रियान्वयन को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं है। जबकि हवामहल,किशनपोल और आदर्श नगर के लिए बनी 165 करोड की पेयजल परियोजना के लिए इंजीनियर्स ने एड़ीचोटी का जोर लगा दिया। खुद जलदाय मंत्री महीने में दो बार इस परियोजना के काम की समीक्षा करते हैं। हवामहल,किशनपोल और आदर्श नगर में कांग्रेस के विधायक हैं।
Published on:
27 Jan 2022 11:09 pm
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