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जयपुर पीएचईडी में सामने आया कर्मचारियों की पदोन्नति में भ्रष्टाचार- विजिलेंस जांच और जयपुर अधीक्षण अभियंता को निलंबित करने की उठी मांग

तीन वर्कचार्ज कर्मचारियों को अपात्र होते हुए भी दे दी जयपुर जिला वृत्त ग्रामीण अधीक्षण अभियंता आरसी मीणा ने पदोन्नति

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जयपुर।
राजस्थान में जलदाय विभाग के अधीन चल रही पेयजल परियोजनाओं में आए दिन भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहते हैं। अब जलदाय विभाग के इंजीनियर कर्मचारियों को पदोन्नति देने में भी भ्रष्टाचार कर रह हैं। जयुपर जिले के अधीक्षण अभियंता आरसी मीणा ने अपात्र होते हुए भी तीन वर्कचार्ज कर्मचारियों को पदोन्नति दे दी। पदोन्नति में भ्रष्टाचार का मामला उजागर होने पर कर्मचारियों में उबाल आ गया है।
कर्मचारियों ने इस मामले की विजिलेंस जांच और अधीक्षण अभियंता आरसी मीणा को निलंबित करने की मांग राज्य सरकार से की है।
असल में जयपुर जिले में तैनात जलदाय विभाग के कर्मचारी लंबे समय से पदोन्नति की मांग कर रहे थे। कर्मचारियों की मांग के बीच ही मौका देख कर अधीक्षण अभियंता आरसी मीणा ने आनन फानन में दस कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए डीसीपी कर दी । लेकिन इनमें से तीन ऐसे कर्मचारियों को भी पदोन्नति दे दी जो पूरी तरह से पदोन्नति के लिए अपात्र थे। क्योंकि ये वर्कचार्ज कर्मचारी हैं और इन्हें पदोन्नति देने का प्रावधान नहीं है।
तीन कर्मचारियों की इस तरह से पदोन्नति को भ्रष्टाचार माना जा रहा है और इसकी विजिलेंस जांच की मांग की जा रही है। साथ ही अधीक्षण अभियंता आरसी मीणा को तत्काल निलंबित करने की मांग भी कर्मचारी उठा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि तीनों कर्मचारियों को पदोन्नत करने में उच्च स्तर पर भी सांठगांठ का खेल चला है। उधर मामला उजागर होने के बाद अधीक्षण अभियंता आरसी मीणा मामले को रफादफा करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। कर्मचारियों पर दवाब बना कर उनको चुप रहने के लिए कहा जा रहा है और जो कर्मचारी पदानवत हुए हैं उनको मीणा न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की सलाह दे रहे हैं। जिससे उनके उपर सीधे तौर पर कोई कार्रवाई नहीं हो सके।